सावन: कांवड़ मार्गों का निरीक्षण करें, बिजली के खंभों पर आवश्यक रैपिंग कराएं; ऊर्जा मंत्री ने दिए निर्देश
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सावन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को वाराणसी के कांवड़ मार्गों का निरीक्षण करने और बिजली के खंभों पर आवश्यक रैपिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली के तारों के नीचे कांवड़ शिविर न लगाए जाएं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे और विद्युत व्यवस्था निर्बाध रखी जाए।
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सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान निर्बाध और सुरक्षित बिजली देने के लिए ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने लखनऊ में विभागीय समीक्षा बैठक की। इसमें सभी एमडी, निदेशक, चीफ समेत अन्य अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए कि ट्रांसफार्मर बदलने में देरी, बिजली दुर्घटनाओं और लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसका असर वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल में भी देखने को मिलेगा।
वाराणसी में हर सावन लाखों श्रद्धालु काशी विश्वनाथ धाम और प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। इसे देखते हुए ऊर्जा मंत्री ने बिजली निगम को कांवड़ मार्गों का स्थलीय निरीक्षण करने, बिजली के खंभों पर आवश्यक रैपिंग कराने तथा विद्युत लाइनों के नीचे किसी भी प्रकार के शिविर या पंडाल न लगाए जाएं इसे सुनिश्चित करने को कहा है।
अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी है। ट्रांसफाॅर्मर बदलने में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि खराब ट्रांसफाॅर्मर के कारण उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली संकट न झेलना पड़े। उन्होंने मरम्मत व्यवस्था को समयबद्ध बनाने और वर्कशॉप में लंबित ट्रांसफार्मरों की मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में बिजली दुर्घटनाओं को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया गया। बिना सुरक्षा उपकरण पहने किसी भी कर्मचारी को शटडाउन न दिया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं होगा। इसके साथ ही नियमित बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति देने और आवश्यकतानुसार ट्रांसफाॅर्मर की क्षमता बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान बिजली से जुड़ी एक भी दुर्घटना नहीं होनी चाहिए और इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। वाराणसी में भी इन निर्देशों के बाद बिजली विभाग की तैयारियों और निगरानी पर विशेष जोर रहेगा।
सीवरेज योजना की धीमी प्रगति पर नगर आयुक्त ने दी चेतावनी
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने रविवार को हुकुलगंज एवं नई बस्ती की सीवरेज योजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यों की प्रगति और निर्माण की गुणवत्ता की समीक्षा की। निरीक्षण में कार्य की गति धीमी मिलने पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई और कार्यदायी संस्था व ठेकेदार फर्म को समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए।
119.35 करोड़ रुपये की लागत से यह परियोजना उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) की ओर से कराई जा रही है। अब तक योजना की भौतिक प्रगति महज पांच प्रतिशत है। 38.887 किमी लंबी सीवरलाइन डाली जानी है, लेकिन अब तक केवल 350 मीटर सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा हुआ है।
इस सुस्त चाल पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए फर्म के प्रतिनिधि को निर्देशित किया कि श्रमिकों और संसाधनों की संख्या बढ़ाकर काम में तेजी लाएं। स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा में काम पूरा नहीं हुआ तो संबंधित फर्म के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय पार्षद राजेश यादव, बृजेश चंद्र श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। बता दें कि इस योजना के पूरा होने से हुकुलगंज और नई बस्ती वार्ड के निवासियों को लाभ मिलेगा। योजना के तहत कुल 38.887 किमी लंबे सीवरलाइन का जाल बिछाया जाना है। इसके अलावा 6,561 सीवर गृह संयोजन (हाउस कनेक्शन) दिए जाएंगे। एक सीवेज पंपिंग स्टेशन का निर्माण भी प्रस्तावित है।