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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Sawan 2024 Special story of famous Maha Siddheshwar Mahadev Temple in kashi

Sawan 2024: अनोखा है काशी में भगवान शंकर का ये मंदिर, यहां तप कर ऋषि मुनियों को मिली थी सिद्धियां

Sat, 10 Aug 2024 09:46 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Sat, 10 Aug 2024 09:46 AM IST
सार

काशी के प्रसिद्ध शिवालयों में से एक है महासिद्धिश्वर महादेव का मंदिर, जहां संसार की समस्त सिद्धियां प्राप्त होती हैं। यह क्षेत्र ऋषि मुनियों, राजा जनक, संत कीनाराम और गोस्वामी तुलसीदास की साधना का क्षेत्र है। 

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Sawan 2024 Special story of famous Maha Siddheshwar Mahadev Temple in kashi
महासिद्धिश्वर महादेव मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मोक्षदायिनी काशी में शास्त्र और मर्यादा के अनुकूल धर्म का आचरण करने वालों को शिव सानिध्य मिलता है। भगवान शिव विभिन्न स्वरूपों में भक्तों का कल्याण करते हैं। सुख, सौभाग्य, संपति, संतति और मुक्ति के साथ ही भगवान शिव समस्त सिद्धियां प्रदान करने वाले हैं। काशी में सिद्धियां प्रदान करने वालों में प्रमुख महासिद्धिश्वर महादेव के रूप में भगवान शिव संसार की समस्त सिद्धियों को सहज ही प्रदान करते हैं।

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भेलूपुर शाकुंभरी चौराहे पर महासिद्धिश्वर महादेव का मंदिर विराजमान है। काशीखंड में वर्णित महासिद्धिश्वर महादेव के दर्शन मात्र से ही भक्तों की सिद्धि प्राप्ति की मनोकामनाएं सहज ही पूर्ण हो जाती हैं। शंकुलधारा ऋषि मुनियों का तपक्षेत्र हुआ करता था। ऋषि मुनियों ने सिद्धकुंड में स्नान करके महासिद्धिश्वर के दर्शन पूजन और तप से सिद्धियों को प्राप्त किया था। 

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कोहल ऋषि, असित ऋषि, कात्यायन ऋषि, जांगल ऋषि, राजा जनक और विभांड ऋषि ने इस क्षेत्र में तप किया था। वहीं केदारेश्वर के दक्षिण में रघुवंशी और सूर्यवंशी राजाओं ने तप करके 10 हजार से अधिक शिवलिंग स्थापित किए हैं। संत कीनाराम और गोस्वामी तुलसीदास ने भी इसी क्षेत्र में तप करके सिद्धियां हासिल कीं।
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काशी खंड के अनुसार जनकेशस्तठातीच्यां शङ्कुकर्णस्तदुत्तरे। महासिद्धीश्वरं लिङ्ग तव्याच्यां सर्वसिद्धिदम् । सिद्धकुण्डे नरः स्नात्वा दृष्ट्या सिद्धेश्वरं महत्।। सर्वासामेव सिद्धीनां पारं गच्छति मानवः।। यानी काशीपुरी के दुर्गाकुंड तीर्थ पर स्थित महादुर्गा देवी के पश्चिम में शुष्का (असि) नदी के पूजित शुष्केश्वर महादेव हैं। उनसे पश्चिम जनकेश्वर हैं, उनके उत्तर शंकुकर्णेश्वर हैं और उनके पूर्व समग्र सिद्धियों के दाता महासिद्धिश्वर हैं। जो व्यक्ति सिद्धकुंड में नहाकर महासिद्धिश्वर के दर्शन करता है, वह समस्त सिद्धियों के पार हो जाता है।
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