Varanasi: सावन में बाबा विश्वनाथ के धाम में कई खास इंतजाम, आरती और सुगम दर्शन के टिकट हुए महंगे, जानिए
इस सावन में बाबा विश्वनाथ के धाम में भक्तों के लिए कई खास इंतजाम होंगे। पहली बार भगवान शिव के आठ स्वरूपों के दर्शन भी होंगे। चार जुलाई से 31 अगस्त तक शिव की नगरी में बोल बम का जयघोष गूंजता रहेगा।
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सावन में शिव की नगरी काशी का वैभव देश ही नहीं दुनिया भी देखेगी। धाम के निर्माण के बाद लगातार दूसरे साल सावन में भक्तों का नया कीर्तिमान बनेगा। सावन का महीना दो माह का होने के कारण श्रद्धालुओं को आठ सोमवार जलाभिषेक के लिए मिलेंगे। वहीं पहली बार भगवान शिव के आठ स्वरूपों के दर्शन भी होंगे। चार जुलाई से 31 अगस्त तक शिव की नगरी में बोल बम का जयघोष गूंजता रहेगा।
इस सावन में मंदिर प्रशासन ने आरती, दर्शन, अभिषेक और श्रृंगार का शुल्क बढ़ा दिया है। सावन के सोमवार को मंगला आरती के टिकट चार गुना महंगे कर दिए गए हैं। 500 रुपये में मिलने वाली मंगला आरती के टिकट का शुल्क दो हजार कर दिया गया है। इसके अलावा सुगम दर्शन, रुद्राभिषेक, संन्यासी भोग और सावन के श्रृंगार का शुल्क भी बढ़ाया गया है।
सोमवार पर सुगम दर्शन के लिए 750 रुपये
मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि सावन में सुगम दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को पांच सौ रुपये, मंगला आरती के लिए एक हजार, मध्याह्न भोग आरती के लिए 500 रुपये, सप्तर्षि आरती के लिए 500, भोग आरती के लिए 500 रुपये देने होंगे।
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इसी तरह एक शास्त्री से रुद्राभिषेक कराने के लिए 700, पांच शास्त्री से रुद्राभिषेक के लिए 2100 रुपये, संन्यासी भोग के लिए 4500 रुपये शुल्क निर्धारित किए गए हैं। वहीं सावन के सोमवार पर सुगम दर्शन के लिए 750 रुपये, मंगला आरती के लिए 2000 रुपये, पांच शास्त्री से रुद्राभिषेक के लिए 3000 रुपये, संन्यासी भोग के लिए 7500 रुपये और श्रृंगार के लिए 20 हजार रुपये शुल्क देने होंगे।
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पहली बार आठ सोमवार पर आठ स्वरूपों में बाबा का श्रृंगार
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन के आठ सोमवार पर भगवान के विविध स्वरूपों के दर्शन आम श्रद्धालुओं को होंगे। यह पहला मौका होगा जब भगवान शिव के आठ स्वरूपों के शिवभक्त दर्शन करेंगे। 10 जुलाई को पहले सोमवार पर बाबा विश्वनाथ की चल प्रतिमा का श्रृंगार होगा। पूर्व महंत के आवास से लाकर गर्भगृह में बाबा की चल प्रतिमा को विराजमान कराया जाएगा। दूसरे सोमवार पर राजराजेश्वर का गौरी शंकर स्वरूप में शृंगार होगा। वहीं तीसरे सोमवार को अमृत वर्षा शृंगार और चौथे सोमवार को बाबा विश्वनाथ का भागीरथी श्रृंगार होगा। इसी तरह एक अगस्त को पूर्णिमा श्रृंगार कराया जाएगा।
12 फीट से लंबी कांवड़ को नहीं मिलेगी अनुमति
सावन में श्री काशी विश्वनाथ धाम आने वाले कांवरियों के लिए रेड कार्पेट बिछाई जाएगी और फूल बरसाकर उनका स्वागत होगा। कांवड़ यात्रा के दौरान शासन के दिशा निर्देश पर 12 फीट से लंबी कांवड़ की अनुमति नहीं दी जाएगी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भी प्लास्टिक फ्री कांवड़ वालों को ही प्रवेश दिया जाएगा। कांवरियों के लिए धाम क्षेत्र में अलग से कतार लगाई जाएगी जिससे कि उन्हें जलाभिषेक करने में परेशानी ना हो। स्टील की बैरिकेडिंग के साथ ही मंदिर परिसर में अलग-अलग काउंटर भी बनाए जाएंगे। मेडिकल की सुविधा के साथ ही खोया-पाया काउंटर भी बनाया जाएगा। कांवरियों को सामान रखने के लिए मंदिर परिसर में और बाहर भी काउंटर तैयार कराया जा रहा है। बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था की जाएगी। मैदागिन से लेकर गोदौलिया तक बैरिकेडिंग की जाएगी।
कांवरियों की सुविधा के लिए मंदिर के साथ ही शहर भर में इंतजाम
भगवान शिव के आंगन में भक्त सुनेंगे शिव महापुराण
सावन में भक्त भगवान शिव के आंगन में शिव महापुराण की कथा भी सुनेंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से पहली बार इसका आयोजन होगा। न्यास अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ धाम में पहली बार शिव महापुराण कथा का वाचन कराया जाएगा। चार जुलाई से इसकी शुरुआत होगी जो 31 अगस्त तक चलेगी। कथा वाचक आचार्य ब्रज वल्लभ शास्त्री हर दिन दो घंटे तक शिव महापुराण का पारायण करेंगे।