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सावन 2021: पुराणों में सोमवार के अलावा शनिवार का भी है खास महत्व, इनके पूजन से दूर होंगी समस्याएं

Fri, 06 Aug 2021 09:53 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Fri, 06 Aug 2021 09:53 PM IST
सार

स्कंदपुराण में बताया गया है कि सावन महीने के शनिवार को शिवजी के साथ भगवान नृसिंह, हनुमानजी और शनिदेव के पूजन से जीवन के क्लेश और समस्याएं दूर होती हैं।

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Sawan 2021: Saturday has special importance Apart from Monday in puranas in varanasi
सावन शिवरात्रि 2021 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्रावण मास के शनिवार को भी पूजन का विशेष महत्व है। शनिवार को रुद्र और भगवान विष्णु के अवतार का पूजन करने से जीवन की परेशानियां दूर होंगी। काशी के ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि सावन महीने में सोमवार के अलावा शनिवार का भी पुराणों में खास महत्व है। स्कंदपुराण में बताया गया है कि सावन महीने के शनिवार को शिवजी के साथ भगवान नृसिंह, हनुमानजी और शनिदेव के पूजन से जीवन के क्लेश और समस्याएं दूर होती हैं।

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काशी विद्वत परिषद के महामंत्री डॉ. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि स्कंद पुराण में कहा गया है कि सावन के शनिवार को पूजा से हर तरह की परेशानियां दूर होती हैं। सावन शनिवार को तेल से हनुमानजी और शनिदेव का अभिषेक करना चाहिए। साथ ही इस दिन भगवान नृसिंह की विशेष पूजा के बाद ब्राह्मणों को तिल से बना भोजन करवाने से मनोकामना पूरी होती है।
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ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र ने बताया कि शनिवार को पुष्य नक्षत्र भी रहेगा। ये शनि का नक्षत्र होता है। इस शुभ नक्षत्र और वार के संयोग में की गई शनि पूजा का पूरा फल जल्दी ही मिलता है। इस दिन चतुर्दशी तिथि सूर्यास्त तक रहेगी। जिसके स्वामी शिवजी होते हैं। इसलिए इस शुभ योग में शिव पूजा भी विशेष फलदायी रहेगी। इस शनिवार को दिनभर सिद्धि योग भी रहेगा। जिससे इस शुभ संयोग में किए गए कामों में सफलता मिलेगी।

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हनुमान पूजा
श्रावण महीने में शनिवार को हनुमानजी की आराधना करने से हर तरह की बीमारियां दूर हो जाती है। मानसिक और शरीरिक रुप से मजबूती मिलती है। हनुमानजी की कृपा से कामकाज में आ रही रुकावटें दूर हो जाती हैं। सोचे हुए काम पूरे होने लगते हैं। बुद्धि और वैभव बढ़ता है। शत्रु नष्ट हो जाते हैं और प्रसिद्धि मिलती है।

शनि और शिव पूजा
भगवान शिव, शनिदेव के गुरु हैं। शिवजी ने ही शनिदेव को न्यायाधीश का पद दिया था। जिसके फलस्वरूप शनि देव मनुष्यों को कर्मों के मुताबिक फल देते हैं। इसलिए श्रावण के महीने में भगवान शिव के साथ साथ शनिदेव की उपासना करने से शुभ फल मिलते हैं। भगवान शिव के अवतार पिप्पलाद, भैरव और रुद्रावतार हनुमान जी की पूजा भी शनि के अशुभ असर से रक्षा करती है।

नृसिंह पूजा
स्कन्दपुराण के मुताबिक सावन के शनिवार को सुबह तिल का उबटन लगाकर नहाना चाहिए। इसके बाद भगवान नृसिंह की विशेष पूजा करनी चाहिए। उड़द दाल से बनी खिचड़ी का नैवेद्य लगाना चाहिए। फिर ब्राह्मणों को भी प्रसाद का भोजन करवा कर दक्षिण देनी चाहिए। ऐसा करने से भगवान नृसिंह प्रसन्न होते हैं। धन और धान्य बढ़ता है। इसके साथ ही हर तरह का सुख भी मिलता है।

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