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गायन और वादन से पं. राजन मिश्र को किया नमन
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नादलीन पद्मभूषण पं. राजन मिश्र को कलाकारों ने संगीतांजलि अर्पित की। स्वर दिशा, प्राचीन कला केंद्र एवं सनबीम शिक्षण समूह के संयुक्त तत्वावधान में पद्मभूषण पं. राजन मिश्र की स्मृति में शनिवार को शास्त्रीय संगीत की संध्या का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत विशाल मिश्र सागर के गायन से हुई। तबले पर गौरव चक्रवर्ती ने संगत की। तत्पश्चात प्रशांत मिश्र ने वॉयलिन वादन की प्रस्तुति दी और तबले पर डॉ. चंदन विश्वकर्मा ने संगत की। अगली कड़ी में पद्मभूषण पंडित विश्वमोहन भट्ट के सुपुत्र विख्यात कलाकार पंडित सलिल भट्ट का वीणा वादन रहा। उन्होंने राग जोग में आलाप करके द्रुत लय में गत की बेहतरीन प्रस्तुति की। अंतिम कार्यक्रम के रूप में नादलीन पद्मभूषण पंडित राजन मिश्र के पुत्र द्वय रितेश एवं रजनीश मिश्र ने युगल गायन के माध्यम से स्वरांजलि अर्पित की। दोनो भाईयों के गायन में उनके पिता पंडित राजन मिश्र और चाचा पंडित साजन मिश्र की झलकियां, स्वरों की गंभीरता, लय की शुमारी और चैन देखने को मिला। इस दौरान सौरभ चक्रवर्ती, डॉ. दीपक मधोक, पंडित वीरेंद्र नाथ मिश्र, व्योमेश शुक्ल, राजेश शाह, कामेश्वर नाथ मिश्रा, विशाल मिश्रा, दीनानाथ मिश्र, किशोर मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की शुरुआत विशाल मिश्र सागर के गायन से हुई। तबले पर गौरव चक्रवर्ती ने संगत की। तत्पश्चात प्रशांत मिश्र ने वॉयलिन वादन की प्रस्तुति दी और तबले पर डॉ. चंदन विश्वकर्मा ने संगत की। अगली कड़ी में पद्मभूषण पंडित विश्वमोहन भट्ट के सुपुत्र विख्यात कलाकार पंडित सलिल भट्ट का वीणा वादन रहा। उन्होंने राग जोग में आलाप करके द्रुत लय में गत की बेहतरीन प्रस्तुति की। अंतिम कार्यक्रम के रूप में नादलीन पद्मभूषण पंडित राजन मिश्र के पुत्र द्वय रितेश एवं रजनीश मिश्र ने युगल गायन के माध्यम से स्वरांजलि अर्पित की। दोनो भाईयों के गायन में उनके पिता पंडित राजन मिश्र और चाचा पंडित साजन मिश्र की झलकियां, स्वरों की गंभीरता, लय की शुमारी और चैन देखने को मिला। इस दौरान सौरभ चक्रवर्ती, डॉ. दीपक मधोक, पंडित वीरेंद्र नाथ मिश्र, व्योमेश शुक्ल, राजेश शाह, कामेश्वर नाथ मिश्रा, विशाल मिश्रा, दीनानाथ मिश्र, किशोर मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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