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टूटी मिली पटरी, डिरेल होने से बाल-बाल बची सद्भावना एक्सप्रेस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 19 Jul 2018 08:18 PM IST
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प्लेटफार्म नंबर पांच पर टूटी मिली पटरी
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को उस समय एक बड़ा हादसा टल गया, जब प्लेटफार्म नंबर पांच पर टूटी पटरी समय रहते आरपीएफ के एक सिपाही की नजर में आ गया। आनन-फानन में इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी गई।
इसको दुरुस्त कराने के बाद इस प्लेटफार्म पर ट्रेन का परिचालन सामान्य हो पाया। इसके कारण आर्मी स्पेशल ट्रेन लंबे समय तक आउटर पर खड़ी रही।
कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर लगभग 1:40 बजे दिल्ली से रक्सौल जाने वाली सद्भावना एक्सप्रेस ट्रेन गुजरी।
उसी दौरान प्लेटफार्म नंबर छह से पांच की ओर आ रहे आरपीएफ के सिपाही संजय प्रसाद को पटरी टूटी नजर आई। उसने तुरंत एरिया कमांडर आरपीएफ अनूप सिंहा को जानकारी दी। साथ ही डिप्टी एसएस को भी इससे अवगत कराया गया।
मौके पर रेल अधिकारी व कर्मचारी पहुंचे। पटरी पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया और उसे ठीक कराया गया। उधर, दिल्ली से मुगलसराय की तरफ जा रही आर्मी स्पेशल ट्रेन को आउटर पर रोक दिया गया।
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मरम्मत के बाद 2:40 बजे परिचालन सामान्य हो पाया। सबसे बड़ी बात यह रही कि प्लेटफार्म नंबर पांच से गुजरी सद्भावना डिरेल होने से बाल-बाल बच गई। स्टेशन निदेशक आनंद मोहन सिंह ने बताया कि प्लेटफार्म पर पहले से ही कॉशन पर गाड़ियां चलाई जा रही हैं। सेफ गार्ड के चलते कोई घटना नहीं हुई।
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इसको दुरुस्त कराने के बाद इस प्लेटफार्म पर ट्रेन का परिचालन सामान्य हो पाया। इसके कारण आर्मी स्पेशल ट्रेन लंबे समय तक आउटर पर खड़ी रही।
कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर लगभग 1:40 बजे दिल्ली से रक्सौल जाने वाली सद्भावना एक्सप्रेस ट्रेन गुजरी।
उसी दौरान प्लेटफार्म नंबर छह से पांच की ओर आ रहे आरपीएफ के सिपाही संजय प्रसाद को पटरी टूटी नजर आई। उसने तुरंत एरिया कमांडर आरपीएफ अनूप सिंहा को जानकारी दी। साथ ही डिप्टी एसएस को भी इससे अवगत कराया गया।
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मौके पर रेल अधिकारी व कर्मचारी पहुंचे। पटरी पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया और उसे ठीक कराया गया। उधर, दिल्ली से मुगलसराय की तरफ जा रही आर्मी स्पेशल ट्रेन को आउटर पर रोक दिया गया।
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मरम्मत के बाद 2:40 बजे परिचालन सामान्य हो पाया। सबसे बड़ी बात यह रही कि प्लेटफार्म नंबर पांच से गुजरी सद्भावना डिरेल होने से बाल-बाल बच गई। स्टेशन निदेशक आनंद मोहन सिंह ने बताया कि प्लेटफार्म पर पहले से ही कॉशन पर गाड़ियां चलाई जा रही हैं। सेफ गार्ड के चलते कोई घटना नहीं हुई।
ट्रैक में मिली खामी, अफसरों को फटकार
वाराणसी-प्रतापगढ़ रेल रूट पर ट्रैक के दोहरीकरण के काम का निरीक्षण करते हुए बृहस्पतिवार को मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त शैलेश पाठक परसीपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। इस दौरान ट्रैक में खामी मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और कार्रवाई की चेतावनी भी दी। आयुक्त के मिजाज को देख अधिकारियों के पसीने छूटते रहे।
मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) शैलेश पाठक सबसे पहले वाराणसी के सेवापुरी स्टेशन पहुचे। यहां से मोटर ट्राली से सीधे परसीपुर स्टेशन के आउटर पर रुके। आउटर सिग्नल के पास पर ट्रैक में खामी मिलने पर आयुक्त नाराज हो गए।
यहां ट्रैक पर जोड़ दे दिया था, जो खतरनाक माना होता है। इस पर उन्होंने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई और कार्रवाई की चेतावनी दी। कहा कि ऐसी ही कमियों के कारण ही मानिकपुर जैसी घटनाएं होती हैं। कहा कि इस लापरवाही को वे बोर्ड और मंत्रालय के सामने रखेंगे।
इसके बाद सीआरएस ने स्टेशन के पैनल कक्ष का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेशन अधीक्षक शाहिद इमाम से कंप्यूटराइज्ड पैनल की जानकारी ली और कई सवाल भी किए।
करीब एक घंटे के बाद स्पेशल ट्रेन से सेवापुरी तक फुल स्पीड में ट्रैक का जायजा लिया। उनके साथ मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) सतीश कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) शैलेश पाठक सबसे पहले वाराणसी के सेवापुरी स्टेशन पहुचे। यहां से मोटर ट्राली से सीधे परसीपुर स्टेशन के आउटर पर रुके। आउटर सिग्नल के पास पर ट्रैक में खामी मिलने पर आयुक्त नाराज हो गए।
यहां ट्रैक पर जोड़ दे दिया था, जो खतरनाक माना होता है। इस पर उन्होंने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई और कार्रवाई की चेतावनी दी। कहा कि ऐसी ही कमियों के कारण ही मानिकपुर जैसी घटनाएं होती हैं। कहा कि इस लापरवाही को वे बोर्ड और मंत्रालय के सामने रखेंगे।
इसके बाद सीआरएस ने स्टेशन के पैनल कक्ष का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेशन अधीक्षक शाहिद इमाम से कंप्यूटराइज्ड पैनल की जानकारी ली और कई सवाल भी किए।
करीब एक घंटे के बाद स्पेशल ट्रेन से सेवापुरी तक फुल स्पीड में ट्रैक का जायजा लिया। उनके साथ मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) सतीश कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।