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विकसित भारत-2047 : काशी-विंध्य को 600 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का रोडमैप तैयार
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नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने विकास मॉडल की समीक्षा की
ऊर्जा, कृषि, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और सामाजिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के साथ 5 से 7 लाख नए रोजगार सृजित करने की योजना
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने की दिशा में काशी-विंध्य आर्थिक क्षेत्र को 600 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत सात जिलों वाले इस क्षेत्र में 5 से 7 लाख नए रोजगार सृजित करने, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने, प्रीमियम होटल विकसित करने तथा कृषि, ऊर्जा और सामाजिक क्षेत्रों में बड़े निवेश की योजना पर काम किया जाएगा। इस संबंध में शनिवार को नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी ने वाराणसी में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में काशी-विंध्य आर्थिक क्षेत्र के सुनियोजित विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया गया। बैठक में वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने प्रस्तुतीकरण (पीपीटी) के माध्यम से क्षेत्र के विकास मॉडल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सात जिलों वाले इस आर्थिक क्षेत्र की आबादी लगभग 2.3 करोड़ (23 मिलियन) है और यह उत्तर प्रदेश की जीडीपी में लगभग 24 अरब डॉलर, यानी 7.7 प्रतिशत का योगदान देता है।
प्रस्तुत विकास योजना के अनुसार, विकसित भारत-2047 के तहत इस क्षेत्र को 600 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 5 से 7 लाख नए रोजगार सृजित करने, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स हब को मजबूत करने, ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, कृषि एवं उससे जुड़े क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रीमियम होटल विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा जल संरक्षण, मत्स्य पालन, वानिकी, बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण जैसे क्षेत्रों में भी समयबद्ध और समग्र विकास पर विशेष जोर दिया गया।
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मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार ने जिले में ग्रामीण विकास के लिए 76 विभिन्न मानकों पर किए जा रहे कार्यों की प्रस्तुति दी। इस दौरान नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की तर्ज पर एनीमिया से पीड़ित मरीजों की नियमित निगरानी करने और उन्हें फोन के माध्यम से समय पर दवा लेने के लिए प्रेरित करने का सुझाव दिया। बैठक में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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ऊर्जा, कृषि, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और सामाजिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के साथ 5 से 7 लाख नए रोजगार सृजित करने की योजना
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने की दिशा में काशी-विंध्य आर्थिक क्षेत्र को 600 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत सात जिलों वाले इस क्षेत्र में 5 से 7 लाख नए रोजगार सृजित करने, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने, प्रीमियम होटल विकसित करने तथा कृषि, ऊर्जा और सामाजिक क्षेत्रों में बड़े निवेश की योजना पर काम किया जाएगा। इस संबंध में शनिवार को नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी ने वाराणसी में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में काशी-विंध्य आर्थिक क्षेत्र के सुनियोजित विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया गया। बैठक में वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने प्रस्तुतीकरण (पीपीटी) के माध्यम से क्षेत्र के विकास मॉडल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सात जिलों वाले इस आर्थिक क्षेत्र की आबादी लगभग 2.3 करोड़ (23 मिलियन) है और यह उत्तर प्रदेश की जीडीपी में लगभग 24 अरब डॉलर, यानी 7.7 प्रतिशत का योगदान देता है।
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प्रस्तुत विकास योजना के अनुसार, विकसित भारत-2047 के तहत इस क्षेत्र को 600 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 5 से 7 लाख नए रोजगार सृजित करने, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स हब को मजबूत करने, ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, कृषि एवं उससे जुड़े क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रीमियम होटल विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा जल संरक्षण, मत्स्य पालन, वानिकी, बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण जैसे क्षेत्रों में भी समयबद्ध और समग्र विकास पर विशेष जोर दिया गया।
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मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार ने जिले में ग्रामीण विकास के लिए 76 विभिन्न मानकों पर किए जा रहे कार्यों की प्रस्तुति दी। इस दौरान नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की तर्ज पर एनीमिया से पीड़ित मरीजों की नियमित निगरानी करने और उन्हें फोन के माध्यम से समय पर दवा लेने के लिए प्रेरित करने का सुझाव दिया। बैठक में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।