{"_id":"5bbda319867a5528592c64ae","slug":"roadmap-is-ready-for-aiims-facility-in-ims-bhu-at-varanasi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आईएमएस बीएचयू में एम्स जैसी सुविधाओं का रोडमैप तैयार, पीएमओ लगाएगा ग्रांट पर मुहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईएमएस बीएचयू में एम्स जैसी सुविधाओं का रोडमैप तैयार, पीएमओ लगाएगा ग्रांट पर मुहर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 10 Oct 2018 12:28 PM IST
विज्ञापन
आईएमएस बीएचयू
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईएमएस बीएचयू में एम्स जैसी सुविधाएं मिलने को लेकर गवर्निंग बॉडी की टीम का दो दिवसीय दौरा मंगलवार को खत्म हो गया। माना जा रहा है कि फाइनल रोड मैप तैयार हो गया है। संबंधित प्रस्तावों पर मंथन के बाद रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंपी जाएगी। पीएमओ की मुहर लगने के बाद विभागों में उपकरण और शोध की नई व्यवस्था के साथ ही अन्य मदों में अनुदान मिलने की शुरुआत हो जाएगी।
सोमवार को टीम ने सर सुंदरलाल अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर और महामना मालवीय कैंसर इंस्टीट्यूट का दौरा करने के बाद टीम के सदस्यों ने स्थानीय अधिकारियों संग विचार-विमर्श किया था।
मंगलवार को गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन डॉ. वीके पॉल की अध्यक्षता में हुई बैठक में शोध, हर संकाय में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं, पाठयक्रम विस्तार, मरीजों की बेहतर देखभाल सहित कई मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
विज्ञापन
चेयरमैन ने आईएमएस को एम्स की सुविधाएं मिलने के बाद ग्लोबल स्टैंडर्ड का संस्थान बनाने की बात कही। इसके लिए पांच साल का प्रोजेक्ट तैयार कर हर साल में जरूरतों का पूरा जिक्र करने को कहा। उन्होंने नए विभाग बनाने, उसमें शुरू होने वाले कोर्स, अस्पताल में जांच, इसके अनुसार शिक्षकों-कर्मचारियों की तैनाती सहित अन्य संसाधन पूरा करने पर बातचीत कर सदस्यों के सुझाव भी मांगे।
विज्ञापन
सोमवार को टीम ने सर सुंदरलाल अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर और महामना मालवीय कैंसर इंस्टीट्यूट का दौरा करने के बाद टीम के सदस्यों ने स्थानीय अधिकारियों संग विचार-विमर्श किया था।
विज्ञापन
मंगलवार को गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन डॉ. वीके पॉल की अध्यक्षता में हुई बैठक में शोध, हर संकाय में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं, पाठयक्रम विस्तार, मरीजों की बेहतर देखभाल सहित कई मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
विज्ञापन
चेयरमैन ने आईएमएस को एम्स की सुविधाएं मिलने के बाद ग्लोबल स्टैंडर्ड का संस्थान बनाने की बात कही। इसके लिए पांच साल का प्रोजेक्ट तैयार कर हर साल में जरूरतों का पूरा जिक्र करने को कहा। उन्होंने नए विभाग बनाने, उसमें शुरू होने वाले कोर्स, अस्पताल में जांच, इसके अनुसार शिक्षकों-कर्मचारियों की तैनाती सहित अन्य संसाधन पूरा करने पर बातचीत कर सदस्यों के सुझाव भी मांगे।
बैठक में चर्चा के बिंदु
माना जा रहा है कि चर्चा के मुद्दों और सुझावों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उसे मानव संसाधन मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के माध्यम से पीएमओ भेजा जाएगा। दो घंटे तक चली बैठक में कुलपति प्रो. राकेश भटनागर, आईएमएस से जुड़े संकायाें के प्रमुख, विभागों से एक-एक वरिष्ठ प्रोफेसर शामिल रहे।
इसके पहले गवर्निंग बॉडी की टीम ने अस्पताल की इमरजेंसी सहित अन्य वार्डों, आयुर्वेद संकाय की ओपीडी, वार्डों के साथ ही अन्य जगहों का दौरा कर मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली और जरूरी सुझाव भी दिए।
- हर संकाय को पांच साल का प्रोजेक्ट बनाना होगा
- प्रोजेक्ट में हर साल के कोर्स, संसाधनों का ब्योरा देना होगा
- हर विभाग में सुपर स्पेशियलिटी जैसी सुविधाएं देने का निर्णय
- 2022 तक हर साल का टारगेट बनाकर उसे पूरा करना होगा
पेशेंट फ्रेंडली वातावरण बनाने पर जोर
अस्पताल का माहौल पेशेंट फ्रेंडली बनाने के लिए गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन ने कहा कि मरीजों में किसी तरह का भेदभाव किए बिना समय पर सभी का इलाज हो, जांच हो, दवा मिले, इसे सुनिश्चित करने की जरूरत है।
चर्चा के बिंदु मीडिया को न बताएं
आईएमएस में एम्स जैसी सुविधाएं मिलने के बारे में बैठकों में हुई चर्चा के बारे में मीडिया से बातचीत न करने की सलाह दी गई है। सूत्रों की माने तो बैठक में इससे जुड़े किसी भी मुद्दों पर मीडिया से दूरी बनाए रखने को कहा गया है।
चेयरमैन ने देखी अब तक के काम की रिपोर्ट
मंगलवार को गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन ने बीएचयू परिसर में सुपर स्पेशियलिटी सेंटर के काम की प्रगति से संबंधित रिपोर्ट देखी। चेयरमैन ने सीपीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर एके गुप्ता को बताया कि जनवरी में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा इसका उद्घाटन किया जा सकता है। इसलिए तय समय में गुणवत्ता परक काम कराने की जरूरत है। सीपीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर अब तक के काम की रिपोर्ट लेकर चेयरमैन के पास पहुंचे थे। चीफ इंजीनियर ने चेयरमैन को हर मंजिल पर होने वाले काम, उसके लिए तय समय और मैटेरियल आदि की विस्तृत जानकारी दी।