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Varanasi News: वार्डों में नहीं पहुंच रहे हैं रेजिडेंट, इलाज का संकट गहराया
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बीएचयू अस्पताल में तीसरे दिन भी नहीं बनी बात, रेजिडेंट की हड़ताल जारी
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बीएचयू अस्पताल में रेजिडेंट की हड़ताल से मरीजों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। ओपीडी के साथ-साथ वार्ड में भर्ती मरीजों को अब दिक्कत हो रही है। सामान्य दिनों में कंसल्टेंट के राउंड के बाद रेजिडेंट मरीजों के इलाज में लगे रहते हैं, लेकिन वो भी नजर नहीं आए। बृहस्पतिवार को अस्पताल के वार्डों में रेजिडेंट की संख्या न के बराबर रही। सीसीआई लैब में जांच काउंटर पर भी संख्या कम दिखी।
हड़ताल के तीसरे दिन भी काउंटर पर दोपहर 12 बजे सन्नाटा दिखा। सीसीआई लैब में भी बहुत कम मरीज 1 बजे तक दिखे। ओपीडी में केवल कंसल्टेंट के बैठने से मरीजों की भीड़ बाहर लगी रही। वहीं, वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजन रेजिडेंट के आने का इंतजार रहे। हड़ताल का असर ऑपरेशन पर भी दिख रहा है। सामान्य दिनों में 100 ऑपरेशन होते थे। हड़ताल के तीसरे दिन केवल 47 ऑपरेशन हुए।
आईएमएस निदेशक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी से न्यास और डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर हड़ताल हो रही है। आईएमएस बीएचयू के रेजिडेंट्स ने अब स्थानीय स्तर पर ड्यूटी के दौरान सुरक्षा की मांग आईएमएस प्रशासन के सामने रखी है। बृहस्पतिवार को निदेशक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। रेजिडेंट ने बताया कि अब तक कई बार गुहार लगाई गई है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई है। अगस्त में हड़ताल के बाद सितंबर में एक महिला डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार हुआ। तब भी कार्रवाई का आश्वासन मिला था, लेकिन हुआ कुछ नहीं। जब तक मांग पूरी नहीं होगी तब तक हड़ताल चलेगी।
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मरीजों का आंकड़ा
ओपीडी में पंजीकरण 4080
भर्ती 62
डिस्चार्ज 105
इमरजेंसी 76
ऑपरेशन 47
रेडियोलॉजी 361
सीसीआई में जांच 8323
आंशिक हड़ताल पर हैं रेजिडेंट, मरीजों का हो रहा इलाज
बीएचयू के चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में उपकुलसचिव और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी डॉ. रश्मि रंजन का कहना है कि चिकित्सा विज्ञान संस्थान के जूनियर रेजिडेंट आंशिक रूप से हड़ताल पर हैं। सभी चिकित्सकीय सेवाएं चल रही हैं। बेहतर उपचार किया जा रहा है। सभी विभागों के डॉक्टर, नर्स और कर्मचारी मरीजों की देखरेख में लगे हैं।
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माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बीएचयू अस्पताल में रेजिडेंट की हड़ताल से मरीजों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। ओपीडी के साथ-साथ वार्ड में भर्ती मरीजों को अब दिक्कत हो रही है। सामान्य दिनों में कंसल्टेंट के राउंड के बाद रेजिडेंट मरीजों के इलाज में लगे रहते हैं, लेकिन वो भी नजर नहीं आए। बृहस्पतिवार को अस्पताल के वार्डों में रेजिडेंट की संख्या न के बराबर रही। सीसीआई लैब में जांच काउंटर पर भी संख्या कम दिखी।
हड़ताल के तीसरे दिन भी काउंटर पर दोपहर 12 बजे सन्नाटा दिखा। सीसीआई लैब में भी बहुत कम मरीज 1 बजे तक दिखे। ओपीडी में केवल कंसल्टेंट के बैठने से मरीजों की भीड़ बाहर लगी रही। वहीं, वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजन रेजिडेंट के आने का इंतजार रहे। हड़ताल का असर ऑपरेशन पर भी दिख रहा है। सामान्य दिनों में 100 ऑपरेशन होते थे। हड़ताल के तीसरे दिन केवल 47 ऑपरेशन हुए।
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आईएमएस निदेशक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी से न्यास और डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर हड़ताल हो रही है। आईएमएस बीएचयू के रेजिडेंट्स ने अब स्थानीय स्तर पर ड्यूटी के दौरान सुरक्षा की मांग आईएमएस प्रशासन के सामने रखी है। बृहस्पतिवार को निदेशक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। रेजिडेंट ने बताया कि अब तक कई बार गुहार लगाई गई है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई है। अगस्त में हड़ताल के बाद सितंबर में एक महिला डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार हुआ। तब भी कार्रवाई का आश्वासन मिला था, लेकिन हुआ कुछ नहीं। जब तक मांग पूरी नहीं होगी तब तक हड़ताल चलेगी।
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मरीजों का आंकड़ा
ओपीडी में पंजीकरण 4080
भर्ती 62
डिस्चार्ज 105
इमरजेंसी 76
ऑपरेशन 47
रेडियोलॉजी 361
सीसीआई में जांच 8323
आंशिक हड़ताल पर हैं रेजिडेंट, मरीजों का हो रहा इलाज
बीएचयू के चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में उपकुलसचिव और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी डॉ. रश्मि रंजन का कहना है कि चिकित्सा विज्ञान संस्थान के जूनियर रेजिडेंट आंशिक रूप से हड़ताल पर हैं। सभी चिकित्सकीय सेवाएं चल रही हैं। बेहतर उपचार किया जा रहा है। सभी विभागों के डॉक्टर, नर्स और कर्मचारी मरीजों की देखरेख में लगे हैं।