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खुद हटा लें अपना अतिक्रमण
ब्यूरो, अमर उजाला वाराणसी
Updated Sun, 26 Jun 2016 01:55 AM IST
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Varuna Corridor
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वरुणा के डूब क्षेत्र में कब्जा करने वालों से प्रदेश के पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल ने अपील की है कि वे स्वयं अपने अतिक्रमण हटा लें। मंत्री शनिवार को वरुणा कॉरिडोर के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे थे। सैलानियों और आम जन की सहूलियत के लिए वरुणा पर जगह-जगह पैदल पुल बनाने को कहा। साथ ही, डीएम को फोन पर निर्देश दिया कि कॉरिडोर की राह में बाधक बन रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ पूरी सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री ने कहा कि सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट होने के नाते इसके कार्यान्वयन में पूरी तत्परता बरती जाए। वाराणसी और वरुणा के विकास की इस योजना की शतप्रतिशत धनराशि राज्य सरकार मुहैया करा रही है। कहा कि घाटों के सौंदर्यीकरण के लिए फूल-पौधे लगाए जाएं। शास्त्री पुल और गोफाबीर मंदिर के पास वातानुकूलित सामुदायिक शौचालय बनवाया जाए। शास्त्री पुल और चौकाघाट पुल के दोनों किनारों पर ऊंची जाली लगाई जाए ताकि पुल से नदी की तरफ झांकने के दौरान किसी प्रकार के हादसे की आशंका न रहे। साथ ही, कोई कूड़ा-कचरा वरुणा में न फेंक पाए। कॉरिडोर क्षेत्र में काशी का पौराणिक, ऐतिहासिक महत्व प्रदर्शित किया जाए।
इंटरसेप्टर पाइप लाइन का काम तेजी से पूरा कराया जाए। जब तक यह पाइप लाइन चालू नहीं होती तब तक के लिए फुलवरिया से चौकाघाट के बीच गिरने वाले सीवर के पानी को स्टोरेज प्वाइंट बनाकर वरुणा में गिरने से रोकें। एसटीपी चालू होने के बाद सीवर के पानी का शोधन कर उसे सिंचाई के लिए माइनरों में छोड़ा जाएगा। इस दौरान सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता राजेंद्र सिंह और नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे।
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पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री ने कहा कि सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट होने के नाते इसके कार्यान्वयन में पूरी तत्परता बरती जाए। वाराणसी और वरुणा के विकास की इस योजना की शतप्रतिशत धनराशि राज्य सरकार मुहैया करा रही है। कहा कि घाटों के सौंदर्यीकरण के लिए फूल-पौधे लगाए जाएं। शास्त्री पुल और गोफाबीर मंदिर के पास वातानुकूलित सामुदायिक शौचालय बनवाया जाए। शास्त्री पुल और चौकाघाट पुल के दोनों किनारों पर ऊंची जाली लगाई जाए ताकि पुल से नदी की तरफ झांकने के दौरान किसी प्रकार के हादसे की आशंका न रहे। साथ ही, कोई कूड़ा-कचरा वरुणा में न फेंक पाए। कॉरिडोर क्षेत्र में काशी का पौराणिक, ऐतिहासिक महत्व प्रदर्शित किया जाए।
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इंटरसेप्टर पाइप लाइन का काम तेजी से पूरा कराया जाए। जब तक यह पाइप लाइन चालू नहीं होती तब तक के लिए फुलवरिया से चौकाघाट के बीच गिरने वाले सीवर के पानी को स्टोरेज प्वाइंट बनाकर वरुणा में गिरने से रोकें। एसटीपी चालू होने के बाद सीवर के पानी का शोधन कर उसे सिंचाई के लिए माइनरों में छोड़ा जाएगा। इस दौरान सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता राजेंद्र सिंह और नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे।
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