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Varanasi: बीएड और सहायक आचार्य की परीक्षा में विज्ञान-हिंदी ने बढ़ाईं मुश्किलें, हजारों लोगों ने छोड़ी परीक्षा
Mon, 01 Jun 2026 01:16 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2026 01:16 PM IST
सार
Varanasi News: बीएड में रीजनिंग-सामान्य ज्ञान और सहायक आचार्य परीक्षा में विज्ञान-हिंदी ने अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ाईं। उधर, बीएड परीक्षा में दोनों पालियों को मिलाकर 10,979 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
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परीक्षा देकर निकलते अभ्यर्थी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 और सहायक आचार्य भर्ती परीक्षा रविवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। बीएड परीक्षा में दोनों पालियों को मिलाकर 10,979 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे, जबकि सहायक आचार्य परीक्षा में 6,787 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि बीएड में रीजनिंग और सामान्य ज्ञान के प्रश्न अपेक्षाकृत कठिन रहे, वहीं सहायक आचार्य परीक्षा में विज्ञान और हिंदी विषय के सवालों ने उन्हें सबसे अधिक उलझाया।
उत्तर प्रदेश बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 दो पालियों में 106 केंद्रों पर आयोजित की गई। प्रत्येक पाली में 48,218 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। पहली पाली में 42,727 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जबकि 5,491 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में 42,730 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और 5,488 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार बीएड परीक्षा में कुल 88.6 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। वहीं, 30 केंद्रों पर एक पाली में आयोजित सहायक आचार्य परीक्षा में 13,035 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 6,248 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 6,787 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की कुलसचिव एवं परीक्षा की नोडल अधिकारी डॉ. सुनीता पांडेय ने बताया कि दोनों परीक्षाओं में कुल 61,349 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी एक साथ परीक्षा देने पहुंचे थे। इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
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उत्तर प्रदेश बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 दो पालियों में 106 केंद्रों पर आयोजित की गई। प्रत्येक पाली में 48,218 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। पहली पाली में 42,727 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जबकि 5,491 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में 42,730 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और 5,488 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार बीएड परीक्षा में कुल 88.6 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। वहीं, 30 केंद्रों पर एक पाली में आयोजित सहायक आचार्य परीक्षा में 13,035 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 6,248 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 6,787 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की कुलसचिव एवं परीक्षा की नोडल अधिकारी डॉ. सुनीता पांडेय ने बताया कि दोनों परीक्षाओं में कुल 61,349 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी एक साथ परीक्षा देने पहुंचे थे। इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
तीन स्तरीय सुरक्षा जांच के बाद मिला प्रवेश
दो बड़ी परीक्षाओं को देखते हुए सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। अभ्यर्थियों को मेटल डिटेक्टर से जांच के साथ पुरुष एवं महिला पुलिसकर्मियों द्वारा सत्यापन के बाद ही प्रवेश दिया गया। परीक्षा में अनुमन्य सामग्री के अलावा अन्य सभी वस्तुएं केंद्र के बाहर ही जमा कराई गईं।
भीड़ प्रबंधन के लिए लागू रहा ट्रैफिक डायवर्जन
परीक्षाओं के मद्देनजर रविवार को शहर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया था। इससे प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति नहीं बनी। रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टेशन पर भी भीड़ प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई थी। स्टेशन परिसर में आरपीएफ जवान यात्रियों और अभ्यर्थियों को व्यवस्थित करते नजर आए।
दो बड़ी परीक्षाओं को देखते हुए सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। अभ्यर्थियों को मेटल डिटेक्टर से जांच के साथ पुरुष एवं महिला पुलिसकर्मियों द्वारा सत्यापन के बाद ही प्रवेश दिया गया। परीक्षा में अनुमन्य सामग्री के अलावा अन्य सभी वस्तुएं केंद्र के बाहर ही जमा कराई गईं।
भीड़ प्रबंधन के लिए लागू रहा ट्रैफिक डायवर्जन
परीक्षाओं के मद्देनजर रविवार को शहर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया था। इससे प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति नहीं बनी। रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टेशन पर भी भीड़ प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई थी। स्टेशन परिसर में आरपीएफ जवान यात्रियों और अभ्यर्थियों को व्यवस्थित करते नजर आए।
क्या बोले अभ्यर्थी
- परीक्षा फॉर्म भरने के बाद से ही तैयारी कर रही थी। सुबह छह बजे ही केंद्र पर पहुंच गई थी। कुल मिलाकर पेपर अच्छा हुआ, लेकिन रीजनिंग के कुछ प्रश्न कठिन थे, जिनमें अपेक्षा से अधिक समय लगा। -विनीता सिंह, जौनपुर
- परीक्षा को लेकर थोड़ा तनाव था, लेकिन प्रश्नपत्र मिलने के बाद अधिकांश सवाल आसानी से हल हो गए। हालांकि ओलंपियाड और रीजनिंग से जुड़े कुछ प्रश्नों ने उलझन पैदा की। -राजीव कुमार, लंका
- बीएड करने के बाद शिक्षक बनना चाहती हूं। इसलिए फॉर्म भरने के बाद से ही पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास कर रही थी। पेपर अच्छा रहा, हालांकि रीजनिंग के कुछ प्रश्न छोड़ने पड़े। -रोशनी कुमारी, बेगूसराय (बिहार)
- सामान्य ज्ञान और गणित के कुछ प्रश्न अपेक्षाकृत कठिन लगे, जिससे उन्हें हल करने में अधिक समय लगा। फिर भी निर्धारित समय में सभी प्रश्नों के उत्तर दे दिए। -दीपक, भागलपुर