फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   rastriya sanskriti mahotsav starts at varanasi

संस्कृति के राजदूत बन दुनिया में फैलाएं खुशबू

Sun, 18 Dec 2016 02:39 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Sun, 18 Dec 2016 02:39 PM IST
विज्ञापन
rastriya sanskriti mahotsav starts at varanasi
बीएचयू में आठ दिवसीय राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव शुरू - फोटो : अमर उजाला

देश की विविध लोक कलाओं और संस्कृतियों के संगम के बीच शनिवार की शाम बीएचयू में तीसरे राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव का शुभारंभ हुआ। विविध संस्कृतियों की साझी विरासत का अनूठा सौंदर्य लोग एकटक निहारते रह गए।

विज्ञापन


केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री डॉ. महेश शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि महोत्सव का उद्घाटन करने के बाद कहा कि आज बीएचयू में संस्कृति का विहंगम संगम हो रहा है। ये हमारी संस्कृतियों और लोक कलाओं की ही खासियत है कि पूरा विश्व हमारी ओर देख रहा है। आइए हम सभी संस्कृति के राजदूत बनकर इसकी खुशबू पूरी दुनिया में फैलाएं।

विज्ञापन

उन्होंने बताया कि देश भर की लोक संस्कृतियों को विश्व में मान सम्मान मिले, इसी उद्देश्य से संस्कृति मंत्रालय की ओर से यह महोत्सव आयोजित किया गया है। अगले सांस्कृतिक महोत्सव अरुणाचल, बंगलूरू और फिर जम्मू कश्मीर में होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन


केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि नोटबंदी के बाद के बाद भारत में पर्यटन कारोबार 9.6 प्रतिशत बढ़ा है। पर्यटन उद्योग में डिजिटल लेन-देन 10 गुना बढ़ा है।

आठ अक्टूबर से आठ नवंबर के बीच 2700 पर्यटकों ने बुकिंग कराई थी। आठ नवंबर से आठ दिसंबर के बीच 27 हजार पर्यटकों ने बुकिंग कराई।

मोदी भी करेंगे इस महोत्सव में शिरकत

rastriya sanskriti mahotsav starts at varanasi
मोदी भी करेंगे इस महोत्सव में शिरकत - फोटो : अमर उजाला

 

दर्शकों, युवाओं, कलाकारों से खचाखच भरे स्वतंत्रता भवन में उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 22 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस महोत्सव में शिरकत करेंगे। मंत्री ने राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव बीएचयू की वेबसाइट भी लांच की।

विशिष्ट अतिथि पद्मविभूषण गिरिजा देवी ने कहा कि राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव में देश भर की लोक कला, संस्कृति दिखाई देगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वो मालवीय, कबीरदास के आदर्शों पर चलें।
विश्वविद्यालय की इज्जत और उसका सम्मान करें और विश्व में नाम करें।

अपने संक्षिप्त संबोधन को गिरिजा देवी ने यह कहते हुए विराम दिया कि मैं अब शब्दों से नहीं बल्कि अपने संगीत से ही अपनी भावनाओं को बेहतर तरीके से आप तक पहुंचाऊंगी।

संस्कृतियां देश के निर्माण की पहचान

rastriya sanskriti mahotsav starts at varanasi
गांवों में कला आज भी सुरक्षित - फोटो : अमर उजाला

 

अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने कहा कि गांवों में कला आज भी सुरक्षित है। ये संस्कृतियां देश के निर्माण की पहचान हैं। कहा कि बीएचयू के गोद लिए सौ गांवों में भी संस्कृति के बीज विराजमान है।
उनके लिए भी संस्कृति मंत्रालय समानांतर मंच सुरक्षित करेगा, ऐसी आशा है।

महोत्सव में महापौर राम गोपाल मोहले, पद्मश्री मालिनी अवस्थी, अभिनेता प्रेम नाथ, पंडित छन्नूलाल मिश्र समेत संस्कृति मंत्रालय के सातों जोन के निदेशक सहित अन्य अधिकारी मौैजूद रहे।

स्वागत संस्कृति मंत्रालय के सचिव एनके सिन्हा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त सचिव एमएल श्रीवास्तव ने किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed