रामनगर की रामलीला का 10वां दिन: श्रीराम ने पिता के वचनों का रखा मान, सीता और लक्ष्मण संग किया वन प्रस्थान
विश्वप्रसिद्ध रामनगर की रामलीला में शनिवार को श्रद्धालु पिता-पुत्र और पति-पत्नी के संबंधों की मर्यादा का सजीव दर्शन कर विभोर हो उठे। दसवें दिन नौवें रामलीला के प्रसंग में वन गमन, निषादराज मिलन तथा श्री लक्ष्मणकृत गीता उपदेश का मंचन किया गया।
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विश्वप्रसिद्ध रामनगर की रामलीला में शनिवार को श्रद्धालु पिता-पुत्र और पति-पत्नी के संबंधों की मर्यादा का सजीव दर्शन कर विभोर हो उठे। दसवें दिन नौवें रामलीला के प्रसंग में वन गमन, निषादराज मिलन तथा श्री लक्ष्मणकृत गीता उपदेश का मंचन किया गया। पिता के वचनों का मान रखने के लिए प्रभु श्री राम वन को चले। इससे वन में देव ऋषियों के यज्ञ को विध्वंस करने वाले राक्षसों के संहार का समय निकट देख स्वर्ग में देवगण प्रसन्न हो उठे।
अव्यवस्था के चलते बदला गया लीला का स्थल
रामलीला को लेकर नगर प्रशासन द्वारा बरती जा रही उदासीनता के चलते शनिवार को फिर लीला स्थल बदलना पड़ गया। जिस जगह निषादराज मिलन की लीला होती है उस जगह पानी, कीचड़ और जलकुंभी भरी हुई थी। रामलीला शुरू होने के दिन से ही लगभग प्रतिदिन बरसात होने के कारण स्थिति और ज्यादा खराब हो गई थी।
इसके चलते जिस जगह लीला होती है उस जगह न होकर गली में लीला और आरती करानी पड़ी। इसके पूर्व ताड़का वध की लीला का स्थल भी दुर्व्यवस्था के चलते बदलना पड़ा था।