UP Politics: अठावले ने कहा- पांच विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी आरपीआई, चल रही तैयारी; उतारेंगे प्रत्याशी
Varanasi News: वाराणसी के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) उत्तर प्रदेश की पांच विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि पार्टी संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
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केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री तथा रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने कहा है कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी भी अपने प्रत्याशी उतारेगी। आरपीआई प्रदेश की पांच विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है और इस संबंध में भाजपा को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। वह रविवार को वाराणसी के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
आठवले ने कहा कि आरपीआई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सहयोगी पार्टी है और भाजपा के साथ मिलकर चुनावी रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी को चुनाव लड़ने के लिए उचित अवसर मिलेगा और संगठन को मजबूत करने का अभियान लगातार जारी है।
केंद्रीय मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों का प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। इससे वैश्विक स्तर पर आर्थिक और सामाजिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा भगवान बुद्ध के शांति और अहिंसा के सिद्धांतों पर चलने वाला देश रहा है और युद्ध का समर्थक कभी नहीं रहा।
सियासी हलचल
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि एनडीए सरकार ने वास्तविक सामाजिक न्याय को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आठवले ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा समाज में विभाजन की राजनीति की है और मंडल आयोग की रिपोर्ट को वर्षों तक दबाकर रखा। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि वह संविधान की किताब लेकर चलते हैं, लेकिन संविधान की मूल भावना पर चर्चा नहीं करते।
नीट परीक्षा पेपर लीक मामले पर उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान या किसी अन्य को इस्तीफा देने की आवश्यकता नहीं है। सरकार को इस घटना से सबक लेकर भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। वाराणसी प्रवास के दौरान उन्होंने समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा भी की।