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रमाडा होटल और JHV मॉल की नीलामी टली, जमा कराए तीन करोड़ 97 लाख
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 16 Jan 2018 09:47 PM IST
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पैसे जमा करने की कार्रवाई करते जवाहर जायसवाल के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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चंदौली के पूर्व सांसद एवं सपा नेता जवाहर जायसवाल के स्वामित्व वाले रमाडा होटल और जेएचवी मॉल की फिलहाल नीलामी टाल दी गई। मंगलवार को जवाहर जायसवाल ने तीन करोड़ 97 लाख रुपए जमा कराए। पडरौना चीनी मिल के बकाए की वसूली के लिए मंगलवार को पूर्व सांसद एवं सपा नेता जवाहर जायसवाल की संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई शुरू हो गई।
कुशीनगर से सोमवार को ही यहां आए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ दोपहर करीब 12 बजे जवाहर के लालपुर स्थित आवास पर पहुंच कर इसे अंजाम दिया। इसी दौरान पुलिस ने घर में मौजूद जवाहर के छोटे बेटे अमित जायसवाल को हिरासत में लेकर कैंट थाने भेज दिया।
शाम करीब सवा चार बजे एसडीएम पडरौना अजय नारायण सिंह को पहली आरसी के तीन करोड़ 78 लाख और अतिरिक्त पांच प्रतिशत कलेक्शन चार्ज समेत कुल 3 करोड़ 97 लाख 1550 रुपये का चेक दिया गया। इसके बाद मामले का अस्थायी निस्तारण हो गया। प्रशासन ने जवाहर के आवास परिसर स्थित करीब 15 बिस्वा जमीन को कुर्क कर उन्हीं की देखरेख में दे दिया है।
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21 दिन में आरसी की दूसरी किस्त के 43 करोड़ रुपये जमा नहीं किए जाने पर इस जमीन को नीलाम करने के साथ ही अन्य संपत्तियों की कुर्की की जाएगी।
एसडीएम ने सोमवार शाम होटल रमाडा प्लाजा और जेएचवी मॉल पर नीलामी का नोटिस चस्पा किया था। होटल से विदेशी मेहमानों को दूसरे होटलों में शिफ्ट कराने के लिए प्रबंधन को 24 घंटे का वक्त दिया गया था। मंगलवार को दोपहर 12 बजे सिंह सीओ पडरौना अनितेश प्रताप सिंह और इंस्पेक्टर पडरौना विजय राज सिंह को लेकर जवाहर के घर पहुंच गए।
अधिकारियों से मिलने के लिए जवाहर के छोटे बेटे अमित बाहर आए, जिन्हें हिरासत में लेकर कैंट थाने भेज दिया गया। इसी बीच आवासीय परिसर की करीब पंद्रह बिस्सा जमीन की कुर्की की कार्रवाई करने के बाद टीम भी कैंट थाने पहुंची। बेटे को हिरासत में लेने की सूचना मिलने पर पूर्व सांसद का परिवार हरकत में आया।
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कुशीनगर से सोमवार को ही यहां आए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ दोपहर करीब 12 बजे जवाहर के लालपुर स्थित आवास पर पहुंच कर इसे अंजाम दिया। इसी दौरान पुलिस ने घर में मौजूद जवाहर के छोटे बेटे अमित जायसवाल को हिरासत में लेकर कैंट थाने भेज दिया।
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शाम करीब सवा चार बजे एसडीएम पडरौना अजय नारायण सिंह को पहली आरसी के तीन करोड़ 78 लाख और अतिरिक्त पांच प्रतिशत कलेक्शन चार्ज समेत कुल 3 करोड़ 97 लाख 1550 रुपये का चेक दिया गया। इसके बाद मामले का अस्थायी निस्तारण हो गया। प्रशासन ने जवाहर के आवास परिसर स्थित करीब 15 बिस्वा जमीन को कुर्क कर उन्हीं की देखरेख में दे दिया है।
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21 दिन में आरसी की दूसरी किस्त के 43 करोड़ रुपये जमा नहीं किए जाने पर इस जमीन को नीलाम करने के साथ ही अन्य संपत्तियों की कुर्की की जाएगी।
एसडीएम ने सोमवार शाम होटल रमाडा प्लाजा और जेएचवी मॉल पर नीलामी का नोटिस चस्पा किया था। होटल से विदेशी मेहमानों को दूसरे होटलों में शिफ्ट कराने के लिए प्रबंधन को 24 घंटे का वक्त दिया गया था। मंगलवार को दोपहर 12 बजे सिंह सीओ पडरौना अनितेश प्रताप सिंह और इंस्पेक्टर पडरौना विजय राज सिंह को लेकर जवाहर के घर पहुंच गए।
अधिकारियों से मिलने के लिए जवाहर के छोटे बेटे अमित बाहर आए, जिन्हें हिरासत में लेकर कैंट थाने भेज दिया गया। इसी बीच आवासीय परिसर की करीब पंद्रह बिस्सा जमीन की कुर्की की कार्रवाई करने के बाद टीम भी कैंट थाने पहुंची। बेटे को हिरासत में लेने की सूचना मिलने पर पूर्व सांसद का परिवार हरकत में आया।
पूर्व सांसद के बेटे को हिरासत में लेकर कैंट थाने ले जाने के बाद हड़कंप
- फोटो : अमर उजाला
पहली आरसी के तीन करोड़ 78 लाख रुपये का बंदोबस्त करने के प्रयास होने लगे। दूसरी ओर जवाहर के भाई विजय और हीरालाल कैंट थाने पहुंच गए। उनके लीगल एडवाइजर समेत वकील भी उनके साथ थे। सब ने पहली आरसी की राशि की अदायगी का आश्वासन देकर कार्रवाई रोकने को कहा। अधिकारियों ने इनको स्पष्ट तौर पर बता दिया कि शाम पांच बजे तक रकम न मिली तो रमाडा प्लाजा होटल और जेएचवी मॉल की कुर्की शुरू कर दी जाएगी।
इस पर करीब साढ़े तीन बजे अधिकारियों को तीन करोड़ 78 लाख का चेक सौंपा गया। अधिकारियों ने इसे लेने से इंकार कर दिया। कहा, पांच प्रतिशत कलेक्शन चार्ज भी इसके साथ ही देना होगा। फिर शाम करीब सवा चार बजे पंजाब एंड सिंध बैंक की लहुराबीर शाखा का 3 करोड़ 97 लाख 1550 रुपये का चेक एसडीएम कुशीनगर को दिया गया।
चेक इस शर्त के साथ दिया गया कि जब तक उच्च न्यायालय में प्रकरण का निस्तारण नहीं हो जाता, चेक को भुगतान के लिए नहीं लगाया जाएगा। इसके बाद हीरालाल और विजय अपने भतीजे अमित को घर ले गए। एसडीएम ने बताया कि जवाहर को अभी दूसरी आरसी के बदले 43 करोड़ रुपये का भी भुगतान करना है। उनकी करीब पंद्रह बिस्वा जमीन को कुर्क कर फिलहाल उनकी ही सुपुर्दगी में दे दी गई है।
21 दिन के अंदर 43 करोड़ नहीं देने पर इस जमीन समेत अन्य संपत्तियों की भी कुर्की की जाएगी। मामले में जवाहर जायसवाल के भाई विजय जायसवाल ने कहा कि सरकार ने पडरौना चीनी मिल नीलामी में खरीदने वाले से 61 करोड़ 50 लाख रुपये लिए हैं और हमसे भी 47 करोड़ रुपये लेगी।
ये कहां का न्याय है। चीनी मिल अगर किसी अन्य को बेच दी गई है तो हमारी देनदारी खत्म हो जाती है। मौजूदा स्थिति में सरकार को हमें 14 करोड़ देने चाहिए। मिल बंद करते समय हमारे ऊपर नौ करोड़ बकाया था, जिसमें ब्याज जोड़ कर अब 47 करोड़ कर दिया गया है।
इस पर करीब साढ़े तीन बजे अधिकारियों को तीन करोड़ 78 लाख का चेक सौंपा गया। अधिकारियों ने इसे लेने से इंकार कर दिया। कहा, पांच प्रतिशत कलेक्शन चार्ज भी इसके साथ ही देना होगा। फिर शाम करीब सवा चार बजे पंजाब एंड सिंध बैंक की लहुराबीर शाखा का 3 करोड़ 97 लाख 1550 रुपये का चेक एसडीएम कुशीनगर को दिया गया।
चेक इस शर्त के साथ दिया गया कि जब तक उच्च न्यायालय में प्रकरण का निस्तारण नहीं हो जाता, चेक को भुगतान के लिए नहीं लगाया जाएगा। इसके बाद हीरालाल और विजय अपने भतीजे अमित को घर ले गए। एसडीएम ने बताया कि जवाहर को अभी दूसरी आरसी के बदले 43 करोड़ रुपये का भी भुगतान करना है। उनकी करीब पंद्रह बिस्वा जमीन को कुर्क कर फिलहाल उनकी ही सुपुर्दगी में दे दी गई है।
21 दिन के अंदर 43 करोड़ नहीं देने पर इस जमीन समेत अन्य संपत्तियों की भी कुर्की की जाएगी। मामले में जवाहर जायसवाल के भाई विजय जायसवाल ने कहा कि सरकार ने पडरौना चीनी मिल नीलामी में खरीदने वाले से 61 करोड़ 50 लाख रुपये लिए हैं और हमसे भी 47 करोड़ रुपये लेगी।
ये कहां का न्याय है। चीनी मिल अगर किसी अन्य को बेच दी गई है तो हमारी देनदारी खत्म हो जाती है। मौजूदा स्थिति में सरकार को हमें 14 करोड़ देने चाहिए। मिल बंद करते समय हमारे ऊपर नौ करोड़ बकाया था, जिसमें ब्याज जोड़ कर अब 47 करोड़ कर दिया गया है।