उन्नीस अरब के पार पहुंची राम नाम की पूंजी
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कलियुग केवल नाम अधारा...। कहते हैं राम का नाम लेकर भव बंधन से जीवन को पार लगाया जा सकता है। कैलाशपुरी के संत बाबा सतराम दास की प्रेरणा से त्रिपुरा भैरवी में 1926 में राम रमापति बैंक के जरिए शुक्रवार को यही संदेश भक्तों को दिया गया। बैंक के 89वें वार्षिकोत्सव पर राम लला के जन्मोत्सव की धूम मच गई। इसी के साथ बैंक का खजाना खोला गया। सुबह सात बजे झांकी परिक्रमा के साथ रोली का महाप्रसाद वितरित हुआ। बैंक की ड्योढ़ी पर शहनाई की मंगल ध्वनि गूंज रही थी। फेरी लगाने के बाद महिलाएं राम जन्म की खुशी में शहनाई के कलाकारों को नेग देती रहीं।
बैंक के मैनेजर दास कृष्ण कृष्ण चंद्र ने बताया कि बैंक की कमाई 19 अरब 18 करोड़ 87 लाख 75 हजार तक पहुंच गई है। इसमें अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, जापान, स्विट्जरलैंड के अलावा सऊदी अरब और दुबई के भी भक्तों ने राम नाम के खाते खोले हैं। देर शाम तक भक्तों ने राम नाम के खजाने की परिक्रमा की। बैंक में 10 दिन तक राम जन्म की धूम रहेगी। भगवान के खिलौनों और वस्त्रों का वितरण शनिवार की अपराह्न एक बजे किया जाएगा।