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Digital Arrest : राजस्थान के गिरोह ने की थी 29 लाख की ठगी, दो शातिर गिरफ्तार; CBI अफसर बन किया था खेल

Sun, 29 Dec 2024 12:50 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Sun, 29 Dec 2024 12:50 AM IST
सार

Varanasi News : वाराणसी के सोनारपुर निवासी व्यक्ति ने भेलूपुर थाने में मामला दर्ज करवाया था। साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो शातिरों गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 51200 रुपये और दो मोबाइल बरामद हुए।

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Rajasthan gang duped people of Rs 29 lakh by making digital arrests
साइबर पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ट्राई / सीबीआई का फर्जी अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी करने वाले गैंग के सरगना और उसके साथी को साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान राजस्थान के जोधपुर जिले के शंकर नगर सालावास रोड सांगरिया फांटा के फूल पुरी और कुम्हारो का बास बड़ा बास ओसियां के मुश्ताक अली के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से 51200 रुपये और दो मोबाइल बरामद हुए।

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सोनारपुरा निवासी निहार पुरोहित ने गत चार जुलाई को साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। निहाल के अनुसार साइबर ठगों ने उनको डिजिटल अरेस्ट कर उनसे 29 लाख रुपये ठग लिए हैं।
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डीसीपी गोमती / अपराध प्रमोद कुमार ने बताया कि घटना की जांच के लिए इंस्पेक्टर राजकिशोर पांडेय के नेतृत्व में इंस्पेक्टर विपिन कुमार व विजय कुमार यादव की टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने डिजिटल फुट प्रिंट, सर्विलांस और भुगतान से संबंधित बैंक खातों की तह तक जाकर गिरोह के सरगना फूल पुरी और उसके साथी मुश्ताक अली को चिह्नित कर गिरफ्तार किया।
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वर्चुअल नंबर से करते हैं कॉल, फर्जी नाम-पते पर लेते हैं सिम : पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह ट्राई / सीबीआई का फर्जी अधिकारी बनकर आमजन के मोबाइल नंबर पर वर्चुअल नंबर से काॅल कर करते हैं। 

फोन करने के बाद संबंधित व्यक्ति को उसके नाम पर फर्जी सिम जारी होने और उस सिम का अवैध गतिविधियों में लिप्त होने की बात कही जाती है। फिर उसे डिजिटल हाउस अरेस्ट कर वेरिफिकेशन के नाम पर कथित आरबीआई के बैंक खातों में उससे पैसा ट्रांसफर करा लिया जाता है। उन खातों में आए पैसे को अन्य बैंक खातों में भेजकर अपने सिंडिकेट के माध्यम से निकाल लिया जाता है। अपनी पहचान छिपाने और पुलिस की पहुंच से दूर रहने के लिए फर्जी नाम-पते पर सिम और म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता है।

ज्वैलर्स के कर्मचारी पर 2.38 लाख हड़पने का आरोप
वाराणसी निवासी सिपाही चंद्रेश कुमार मौर्य ने हजरतगंज कोतवाली में किसना ज्वैलर्स के कर्मचारी पीयूष शुक्ला के खिलाफ ठगी की एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि सहारागंज के सामने स्थित ज्वैलरी शॉप पर उनकी मुलाकात विकासनगर सेक्टर-11 निवासी पीयूष से हुई थी। जेवर बनाने के नाम पर उनसे 2.38 लाख रुपये खाते में लिए थे। आरोपी ने न तो जेवर बनाकर दिए और न ही रकम वापस की। 

चंद्रेश के मुताबिक उनकी बहन की शादी नवंबर में तय थी। बहन के लिए जेवर बनवाना था। इसके लिए वह ज्वैलरी शॉप पर गए थे। पीयूष ने तय समय में जेवर बनाकर देने की बात कही थी। समय पूरा होने पर उन्होंने पीयूष से बात की तो वह टालमटोल करने लगा। दबाव बनाने पर आनाकानी की। इस बीच बहन की शादी भी हो गई। परेशान होकर चंद्रेश ने हजरतगंज कोतवाली में शिकायत की।

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