फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Rain in winter season at purvanchal and two death

पूर्वांचल में हवा के साथ हुई बारिश से उखड़े पेड़, दो की गई जान 

Thu, 24 Jan 2019 11:13 AM IST
shashikant misra न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: shashikant misra Updated Thu, 24 Jan 2019 11:13 AM IST
विज्ञापन
Rain in winter season at purvanchal and two death
बारिश के दौरान - फोटो : amar ujala
पूर्वांचल के जिलों में मंगलवार रात और बुधवार को गरज-चमक और तेज हवा के साथ रुक-रुक कर बारिश होती रही। जगह-जगह पेड़ उखड़ गए। कुछ स्थानों पर बिजली गुल हो गई। बिजली गिरने और ठंड से एक-एक की मौत हो गई। बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है।
विज्ञापन


वाराणसी, आजमगढ़ और मिर्जापुर मंडल के जिलों में मंगलवार रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। जौनपुर के मछलीशहर में तेज हवा से कुछ स्थानों पर पेड़ उखड़ गए। बिजली के पोल और तार टूट गए। इससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। गाजीपुर और बलिया में भी बिजली आपूर्ति बाधित हुई।
विज्ञापन


जौनपुर के अतरौरा गांव में बिजली गिरने से अनुज यादव (18) की मौत हो गई। बलिया के सिकंदरपुर क्षेत्र में ठंड लगने से एक अधेड़ की मौत हो गई। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, दलहनी व तिलहनी फसलों के लिए बारिश आंशिक रूप से नुकसानदायक और गेहूं के लिए फायदेमंद है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

बारिश से टपकने लगे टेंट, गरज चमक से डरते कटी रात

बिगड़े मौसम ने मंगलवार रात को टेंट सिटी में ठहरे प्रवासियों को मुश्किल में डाल दिया। कई टेंट पानी रुकने से टपकने लगे। गरज-चमक और तेज हवाओं ने डर और बढ़ा दिया। अधिकतर प्रवासी रात भर टेंट में सो भी नहीं पाये। हवा की वजह से कई कनात भी फट गये। मेहमानों ने सुबह आयोजकों को जानकारी दी तब जाकर व्यवस्था को दुरुस्त किया गया।

हालांकि मंगलवार को जैसे ही मौसम ने बदलना शुरू किया तो टेंट सिटी में बचाव की तैयारियां भी शुरू हो गई थीं। कर्मचारियों ने सभी लाइटों को प्लास्टिक से ढंक दिया। वायरिंग को भी कवर कर दिया ताकि शार्ट सर्किट से आग न लगे। आधी रात के बाद जब बारिश शुरू हुई तो प्रवेश द्वार से लेकर गेट तक कीचड़ हो गया। सुबह सभी टेंट को सुखाने का इंतजाम किया गया।

जिन टेंटों में दिक्कत थी, उसे दूर किया गया। बारिश के साथ ही तेज हवा चल रही थी इससे कनात फट गए थे, वही होर्डिंग भी उखड़ गए थे। जिसे सही किया गया। प्रवासियों को बारिश के साथ गरज से ज्यादा परेशानी हुई। जैसे ही बिजली कड़कती थी, सफेद टेंट के अंदर तक तेज चमक पहुंचती थी। रह रह कर हो रही गरज और चमक की वजह से पूरी रात जागकर काटी।

सुबह बाहर कीचड़ की वजह से परेशानी हुई। पार्किगिं में पानी भरने से कीचड़ कीचड़ हो गया। वाहनों को निकालने में परेशानी हुई।  कई वाहनों को धक्का देकर टेंट सिटी की पार्किगिं से बाहर निकालना पड़ा। इसकी जानकारी मिलते ही वीडीए के अधिकारियों ने रेत मंगाकर पूरे पार्किंग में गिरवाया, तब वाहनों का आवागमन शुरू हुआ। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed