वाराणसीः आईएमए ब्लड बैंक से बिना कागजी कार्रवाई के बेचा जा रहा खून, औषधि विभाग की छापेमारी में मिली बड़ी खामियां
चंदौली में बबुरी मोड़ के पास खून की तस्करी करने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने बुधवार को पकड़ा था। पुलिस के सामने बयान में उसने तस्करी के इस धंधे में आईएमए ब्लड बैंक में तैनात कर्मचारी के शामिल होने की बात बताई थी।
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन(आईएमए) वाराणसी शाखा के ब्लड बैंक से बिना कागजात के खून को बाहर बेचे जाने का मामला सामने आया है। यहीं नहीं ब्लड बैंक में गलत तरीके से खून का संचरण भी हो रहा है। बृहस्पतिवार को औषधि विभाग की छापेमारी के दौरान इस तरह की खामियां मिली है। इसके बाद सहायक औषधि नियंत्रक भारत सरकार विनय गुप्ता और औषधि निरीक्षक सौरभ दूबे ने इसकी रिपोर्ट औषधि नियंत्रक भारत सरकार और उत्तर प्रदेश को भेजी है।
इसके अलावा आईएमए द्वारा नए रक्तदान पर भी रोक लगा दिया गया है। चंदौली में बबुरी मोड़ के पास खून की तस्करी करने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने बुधवार को पकड़ा था। पुलिस के सामने बयान में उसने तस्करी के इस धंधे में आईएमए ब्लड बैंक में तैनात कर्मचारी आनंद सिंह के शामिल होने की बात बताई थी। इसके बाद से ही तरह-तरह की चर्चाएं हो रही थी।
इधर बृहस्पतिवार को दोपहर बाद आईएमए में छापेमारी करने जैसे ही औषधि विभाग की टीम पहुंची तो वहां हड़कंप मच गया। दो अधिकारियों ने यहां से मरीजों को दिए जाने वाले ब्लड के लिए पंजीकरण से लेकर उसे मरीजों परिजनों को दिए जाने तक की प्रक्रिया की जानकारी ली। इसके अलावा स्टॉक रजिस्टर और रक्तदान आदि से जुड़े अभिलेखों, कंप्यूटर में दर्ज रिकार्डों को भी देखा।
तस्कर से बरामद रक्त के आईएमए के होने की पुष्टि
औषधि निरीक्षक सौरभ दूबे ने बताया कि चंदौली जिले में खून की तस्करी करने वाले से बरामद तीन यूनिट रक्त के आईएमए ब्लड बैंक का होने का शक था, जिसके बाद छापेमारी की कार्रवाई की गई। उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद यह पाया गया कि ब्लड बैंक द्वारा गलत तरीके से खून का संचरण कर बिना कागजी कार्रवाई के बाहर भी बेचा जा रहा है।
इससे चंदौली में बरामद खून के आईएमए का होने की भी पुष्टि होती है। इसके बाद मौके पर रिपोर्ट तैयार कर औषधि नियंत्रक भारत सरकार तथा औषधि नियंत्रक उत्तर प्रदेश को भेजी गई है। सौरभ दूबे ने बताया कि रिपोर्ट की कॉपी जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों को भी दी गई है, साथ ही मौके पर ही आईएमए अध्यक्ष को भी दी गई है।
औषधि निरीक्षक सौरभ दूबे ने बताया कि आईएमए ब्लड बैंक में छापेमारी के दौरान जो खामियां मिली हैं, इसके बाद यहां नए रक्तदान पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। जनहित को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध खून को स्टॉक उपलब्ध रहने तक जरूरतमंद मरीजों को देने की छूट दी गई है। अगले आदेशों तक ब्लड बैंक में किसी भी प्रकार के नए रक्तदान की अनुमति नहीं है।