राफेल लड़ाकू विमानों ने अंबाला एयरबेस पर लैंडिंग कर ली है। इन लड़ाकू विमानों के भारतीय वायुसेना में शामिल होने के बाद भारत की ताकत में काफी बल मिलेगा। फ्रांस से पांच लड़ाकू विमानों की पहली खेप अंबाला पहुंच गई है, जिन्हें वाटर सैल्यूट दिया गया।
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भारतीय वायुसीमा में दाखिल हुए राफेल विमान
- फोटो : RMO Twitter
पांच लड़ाकू विमानों में से एक विमान में उत्तर प्रदेश के बागी बलिया जिले के विंग कमांडर मनीष सिंह सवार थे। बांसडीह तहसील के छोटे से गांव बकवां के निवासी मनीष सिंह का परिवार फौजी रहा है। इनके पिता मदन सिंह भी अवकाश प्राप्त जवान हैं।
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मनीष सिंह का परिवार।
- फोटो : अमर उजाला।
फ्रांस से रवानगी से पहले मनीष ने अपने पिता मदन सिंह को बताया था कि वह शीघ्र ही राफेल लेकर भारत के लिए उड़ान भरने वाले हैं। पिता फौजी मदन सिंह व मां उर्मिला देवी ने कहा कि निश्चित रूप से बेटे की उपलब्धि न सिर्फ मेरे लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। पिता ने कहा कि देश की सेवा में मेरे बाद मेरा बेटा डटा हुआ है। यह सोचकर सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है। वहीं छोटी बहनें प्रियंका व अंकिता भी बड़े भाई की उपलब्धि पर काफी खुश नजर आईं।
मनीष सिंह अपने भाई बहनों में सबसे बड़े हैं। मनीष की प्रारंभिक शिक्षा गांव के एक निजी स्कूल नूतन शिक्षा निकेतन में हुई। छठवीं कक्षा तक गांव में पढ़ाई करने के बाद उनकी उच्च शिक्षा करनाल के कुंजपुरा स्थित सैनिक स्कूल से हुई, जहां इनके पिता सेना में सेवारत रहे।
मनीष वर्ष-2002 में इंडियन एयरफोर्स में पायलट हुए। अंबाला व जामनगर के बाद दो वर्ष पूर्व सन् 2017-2018 में इनकी तैनाती गोरखपुर में थी। उस समय मनीष अपने गांव बकवां आए थे। फ्रांस से लड़ाकू विमान राफेल की डील के बाद मनीष को प्रशिक्षण के लिए सरकार ने फ्रांस भेजा था। इनके साथ अन्य विंग कमांडर भी रहे।