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Varanasi : आरटीआई में जानकारी न देने पर मिली अनाथ बच्चों को भोजन कराने की सजा, यूपी सूचना आयोग का फैसला
Thu, 22 Feb 2024 06:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 22 Feb 2024 06:24 AM IST
सार
बिजली विभाग के अधिकारियों को दो अनाथालय के बच्चों को एक वक्त का भोजन कराने का दंड मिला है।
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उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग भवन
- फोटो : amar ujala
विस्तार
सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत बिजली बिल से जुड़े मामले में सूचना न देने पर वाराणसी सर्किल सेकंड के अधीक्षण अभियंता अनिल वर्मा, नगरीय विद्युत मंडल तृतीय के अधिशासी अभियंता आरके गौतम, मैदागिन के तत्कालीन एसडीओ रवि आनंद और चौक एसडीओ सर्वेश यादव को दो अनाथालय के बच्चों को एक वक्त का भोजन कराने का दंड मिला है।
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अफसर 24 फरवरी को अनाथालय के बच्चों को भोजन कराएंगे। खाने की कीमत 25 हजार रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। यह दंड राज्य सूचना आयोग ने सांकेतिक तौर पर दिया है।
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इससे पहले आयोग ने संबंधित अफसरों के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। मछोदरी क्षेत्र के सप्तसागर निवासी उपभोक्ता उमाशंकर यादव के पिता बसंतू यादव के नाम से 1959 में बिजली कनेक्शन हुआ था। इसे बाद में पीडी (कनेक्शन विच्छेद) करा दिया गया।
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