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प्रो. अभिराज ने पद्म पुरस्कार दिए जाने पर कहा- केंद्र सरकार ने इस काबिल समझा, मैं कृतज्ञ हूं

Sun, 26 Jan 2020 12:12 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Sun, 26 Jan 2020 12:12 AM IST
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Pro. Abhiraj said on being given Padma Award - I am grateful to government, expressed anger at delay
अभिराज राजेन्द्र मिश्र - फोटो : a

संस्कृत के प्रकांड विद्वान प्रो. अभिराज राजेंद्र मिश्र को पद्म पुरस्कार मिलने की सूचना पर जौनपुर में खुशी छा गई है। पद्म पुरस्कारों के लिए पिछले तीन वर्षों से लगातार उनका नाम जाता रहा, लेकिन चयन नहीं हो पा रहा था। अमर उजाला से बातचीत में प्रो. अभिराज ने सरकार के प्रति कृतज्ञता जताई।

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कहा कि तीन वर्षों से नाम भेजा जा रहा था, लेकिन हर बार अंतिम स्तर पर चयन न होने से उम्मीद नहीं रह गई थी। देर से ही सही सरकार ने इस सूची में शामिल किया, इसके लिए आभारी हूं। उन्होंने पुरस्कार चयन में और सतर्कता लाने की जरूरत बताई।
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इस उपलब्धि का श्रेय अपनी माटी, अपने गुरु और अभिभावकों को दिया। कहा कि जौनपुर, प्रयागराज और वाराणसी से बेहद गहरा लगाव है। जौनपुर जन्मभूमि है तो प्रयागराज और वाराणसी कर्मभूमि। इस क्षेत्र से लगाव और प्यार हमेशा रहा है और रहेगा।
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Pro. Abhiraj said on being given Padma Award - I am grateful to government, expressed anger at delay
पद्म पुरस्कार 2020 - फोटो : self

बताते चलें कि त्रिवेणी कवि के रूप में चर्चित प्रो. अभिराज मूल रूप से जौनपुर के बक्सा ब्लॉक के द्रोणिपुर गांव के निवासी हैं। वह सम्पूर्णनंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे। फिलहाल वह शिमला में रह रहे हैं। अस्सी वर्षीय प्रो. अभिराज राजेंद्र मिश्र की इंटर तक की पढ़ाई जौनपुर के जयहिंद इंटर कॉलेज से हुई।

प्रयागराज विश्वविद्यालय से स्नातक, परास्नातक और पीएचडी करने के बाद वर्ष 1966 से 1991 तक वहीं अध्यापन भी किया। वह भारत सरकार की ओर से तीन वर्ष तक इंडोनेशिया के बाली में विजिटिंग प्रोफेसर भी रहे। वर्ष 1991 में शिमला विश्वविद्यालय में संस्कृत विभाग के हेड के रूप में सेवाएं दी और वर्ष 2002 में वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में कुलपति बने। वर्ष 2005 में सेवानिवृत्ति के बाद भी निरंतर साहित्य सृजन में लगे हुए हैं।

संस्कृत, हिंदी की दर्जनों पुस्तक लिख चुके प्रो. अभिराज को साहित्य अकादमी, वाचस्पति, विश्वभारती सहित ढेरों पुरस्कार मिल चुके हैं। वह साहित्य अकादमी में संस्कृत के परामर्शदात्री संस्था के संयोजक भी हैं। प्रो. अभिराज को पद्म पुरस्कार दिए जाने की घोषणा पर जिले के लोगों में खुशी है। डॉ. यूके तिवारी, शैलेन्द्र सिंह वत्स, डॉ एसके वर्मा, डॉ देवव्रत मिश्र, सभाजीत द्विवेदी प्रखर, डॉ सरोज सिंह आदि ने प्रसन्नता जताते हुए बधाई दी।

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