सूरत से मिर्जापुर आने के लिए राधिका को बेचनी पड़ी थी पायल, प्रियंका गांधी ने मदद करने का दिया निर्देश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुजरात के सूरत से आने के लिए पैसे का इंतजाम न होने पर मिर्जापुर की राधिका ने पायल बेच दी थी। अमर उजाला में शनिवार को यह खबर प्रकाशित हुई थी। मामला संज्ञान में आने पर इस बारे में कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा गांधी ने जानकारी मांगी है।
उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को निर्देश दिया कि वे जिलाध्यक्ष से कहें कि घर जाकर राधिका को पायल का दाम दें और उसकी समस्याओं के समाधान का भी प्रयास करें। पार्टी के जिलाध्यक्ष ने बताया कि राधिका का पता लगाया जा रहा है।
गुजरात के सूरत से शुक्रवार को 1187 प्रवासी श्रमिकों को लेकर स्पेशल ट्रेन दोपहर सवा तीन बजे कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंची थी। यहां से मजदूरों को 41 बसों से उनके जिले भेजा गया था। ट्रेन से आने वाली मिर्जापुर की राधिका ने बताया था कि उसके पास गुजरात से आने के लिए पैसा नहीं था।
किसी तरह मांग कर खाना तो खा लेती थी लेकिन एक रुपये भी नहीं बचा था। जब पता चला कि ट्रेन का किराया लगेगा तो टिकट का पैसा लेने वाले ने मेरी एक जोड़ी पायल बिकवाई, तब दो लोगों का टिकट दिया। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शिवशंकर सिंह पटेल ने बताया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने इसकी जानकारी दी है।
राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रदेश अध्यक्ष से कहा है कि संगठन के जिलाध्यक्ष को निर्देश दिया जाए कि वे राधिका के घर जाएं और उसको पायल का पैसा देने के साथ उसकी मदद करें।