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फीस माफ: निजी स्कूलों में पढ़ने वाली सगी बहनों का आंकड़ा जुटाएगा बेसिक शिक्षा विभाग, अभिभावक बोले- सीएम योगी की पहल सराहनीय

Sun, 03 Oct 2021 01:47 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 03 Oct 2021 01:47 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान पर वाराणसी के बेसिक शिक्षा विभाग ने भी एक कार्ययोजना बनाकर इसे अमल में लाने की तैयारी शुरू कर दी है।  

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Private school in UP waives off fees Basic education department will collect data of real sisters studying in private schools
स्कूली छात्राएं - फोटो : सोशल मीडिया।

विस्तार

गांधी जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा की एक नई पहल की है। जिसके तहत उन्होंने एक ही निजी स्कूलों में पढ़ने वाली दो सगी बहनों में एक की फीस में छूट देने की बात कही है। मुख्यमंत्री के आह्वान पर जिले के बेसिक शिक्षा विभाग ने भी एक कार्ययोजना बनाकर इसे अमल में लाने की तैयारी शुरू कर दी है।  

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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि शासन की ओर से बालिकाओं को बेहतर शिक्षा मुहैया कराने के लिए कस्तूरबा विद्यालयों को कक्षा बारहवीं तक अपग्रेड किया जा चुका है। छात्राओं के हित में सीएम की अपील के बाद निजी स्कूल प्रबंधन से बातचीत कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
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बेसिक शिक्षा विभाग टीम बनाकर निजी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं का आंकड़ा जुटाएगा। ताकि पात्र छात्राओं को योजना का लाभ मिल सके। वनिता पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य  डॉ. रेणुका नागर ने कहा कि बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पहल सराहनीय है। योजना का सही क्रियान्वयन हो तो इससे बेटियों के शिक्षा प्रतिशत में भी बढ़ावा मिलेगा।
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वहीं बाल विद्यालय माध्यमिक स्कूल डोमरी की प्रधानाचार्य एमएल यादव विद्यालय में बेटियों की शिक्षा में मदद के लिए पहले से प्रवेश शुल्क में छूट का प्रावधान है। पहल सराहनीय है, लेकिन इसके  लिए विस्तृत दिशा-निर्देश होने चाहिए, जिससे योजना का सही लाभ पात्रों को मिल सके।

 बिरदोपुर के डॉ. सौरभ प्रताप सिंह ने कहा कि मेरी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी ध्रुविका कक्षा सात में है। छोटी बेटी निया कक्षा दो में पढ़ाई करती है। इस तरह की योजना से आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के अभिभावक अपनी बेटियों को बेहतर शिक्षा देने का सपना साकार कर सकेंगे।

टकटकपुर के कृष्ण यादव ने कहा कि  हर माता-पिता अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का सपना देखता है। मेरी दो बेटियां रुतवी व अवश्या एक ही स्कूल में पढ़ाई करती है। ये योजना बेटियों की शिक्षा को देखते हुए सराहनीय है। 
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