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आजमगढ़ जिला जेल में भिड़े कैदियों के दो गुट, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

Sun, 17 Mar 2019 02:53 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,आजमगढ़
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,आजमगढ़ Published by: Sayali Maurya Updated Sun, 17 Mar 2019 02:53 PM IST
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Prisoner fighting in azamgarh district jail
आजमगढ़ जिला जेल में भिड़े कैदियों के दो गुट - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला जेल में वर्चस्व को लेकर शनिवार को दो गुटों में जमकर मारपीट हुई। जिला जेल के बैरक नंबर पांच में शुक्रवार की रात बिस्तर बिछाने को लेकर विनय पांडेय और अतहर के बीच हुई मारपीट में बंदी विनय पांडेय घायल हो गया। उसका जेल के अस्पताल में इलाज चल रहा है। 

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कई बंदी रक्षकों को बंधक बनाकर पीटा। हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने हवाई फायरिंग की और आंसू गैस के गोले छोड़े। फायर ब्रिगेड से पानी की बौछार कराई गई। कुछ बंदियों ने खुद को भोजनालय में बंद कर लिया।
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पौने दस बजे चुनाव कराने आई पैरामिलिट्री की टुकड़ी अंदर भेजी गई। रात करीब 11 बजे तक हालात पर काबू पा लिया गया था। इस दौरान दो लोगों के घायल होने की सूचना मिली। 
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शाम साढ़े पांच बजे शुरू हुआ बवाल करीब साढ़े पांच घंटे तक चला। दोपहर में अधिकारियों ने बैरकों की जांच के दौरान 35 मोबाइल बरामद किए थे। इस दौरान बंदियों ने कई सुरक्षाकर्मियों को पीटा था। इससे उनमें आक्रोश था।

ये थी हंगामे की वजह

Prisoner fighting in azamgarh district jail
मौके पर जाते पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला

बैरक नंबर पांच में बंद आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के गहजी गांव निवासी विनय पांडेय और सरायमीर कस्बे के रहने वाले अतहर के बीच शुक्रवार की रात बिस्तर बिछाने को लेकर मारपीट हुई थी। घायल होने पर विनय पांडेय को जेल के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मामला दो वर्ग का होने की वजह से जेल में तनाव था। बंदी एक दूसरे के पक्ष में लामबंद होने लगे।

इस दौरान पता चला कि अतहर के समर्थन में आमिर, अकबर, उमर, अकरम, आफताब और अंगद इकट्ठा हो गए। शनिवार को इसकी जानकारी होने पर दोपहर में अधिकारी फोर्स लेकर जेल में गए। सर्च ऑपरेशन में 35 मोबाइल बरामद हुए।

इनमें पूर्व विधायक सुरेंद्र मिश्र के पास से चार मोबाइल, पूर्व मंत्री अंगद यादव से पांच मोबाइल, विक्रम सिंह के पास से पांच मोबाइल, एआईएमआईएम(AIMIM) के पूर्व जिलाध्यक्ष कलीम जामई के पास से तीन मोबाइल बरामद हुए। कई अन्य कैदियों के पास से भी मोबाइल बरामद हुए। इस दौरान बंदी रक्षकों ने कई कैदियों को पीटा।

एडीएम प्रशासन ने अतहर सहित उसके दोस्तों के खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश जेल प्रशासन को दिया। शाम करीब 5:15 बजे अधिकारी जेल से बाहर चले गए। उनके जाते ही बंदियों ने उपद्रव शुरू कर दिया। इसकी सूचना पर तत्काल क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम पहुंची। नियंत्रित करने के लिए 20 से अधिक राउंड फायरिंग की। 50 से ज्यादा आंसू गैस के गोले छोड़े गए। गोली चलने से बंदी और भड़क गए।
 

काटी गई जेल की बिजली, अस्पताल में अलर्ट जारी

Prisoner fighting in azamgarh district jail
मौके पर पहुंचे डीएम शिवाकांत द्विवेदी - फोटो : अमर उजाला

जेल के भीतर पुलिस और बंदियों के बीच कई राउंड जमकर गुरिल्ला युद्ध हुआ। इस दौरान पुलिस जहां लाठी भांजकर बंदियों को खदेड़ रही थी। वहीं मौका पाने पर बंदी पुलिस वालों पर पथराव कर रहे थे। मामला बेकाबू होता देख डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने जेल की लाइट कटवा दी। पुलिस अपने हाथ के टॉर्च की रोशनी में भीतर के स्थितियों पर नजर रखते हुए कार्रवाई करने का प्रयास कर रही थी।

उधर जिला अस्पताल में अलर्ट जारी कर दिया था। इस दौरान एमरजेंसी वार्ड को खाली करा दिया गया है। जेल के हालात को काबू में करने के लिए पूरे जिले की फोर्स, पीएसी, पुलिस लाइन में रिर्जव में रखे गए पुलिसवालों सहित अन्य को लगाया गया गया है। 
 

कैदियों ने पुलिस पर ही फेंके थे आंसू गैस के गोले

Prisoner fighting in azamgarh district jail
जेल में जाती पुलिस की टुकड़ी - फोटो : अमर उजाला

शनिवार की रात नौ बजे हालात को काबू में करने के लिए चुनाव कराने आए सीआरपीएफ के जवानों को अंदर भेजा गया है। जानाकारी मिली है कि कैदियों ने अपने आपको भोजनालय में दरवाजा भीतर से बंद कर कैद कर लिया था। पौने दस बजे रात में सीआईएसएफ की टुकड़ी भेजी गई। उसके बाद मामला शांत हुआ। वहीं पुलिस के आंसू गैस के गोले बंदी भीतर से ही पुलिस पर फेंक रहे हैं। जिस कारण से भोजनालय में घुस पाना मुश्किल हो रहा था। 

उधर डीएम शिवाकांत द्विवेदी का कहना है कि दोपहर में जेल में बंदियों की तलाशी के दौरान करीब 35 मोबाइल बरामद हुए। इसमें जेल के कर्मचारियों और अधिकारियों की संलिप्तता है। पोल खुलने से नाराज जेल कर्मचारियों ने अधिकारियों के जाने के बाद बंदियों से मारपीट की। इससे बंदी भड़के थे। दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर बंदियों को शांत कराया गया। अब हालात नियंत्रण में है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है।

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