Varanasi: धंसी सड़क के मरम्मत की प्रमुख सचिव ने हर घंटे की मांगी फोटो, 36 घंटे बाद भी काम नहीं हुआ पूरा
Varanasi: पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने कहा कि जलकल पाइप लाइन बनाने का काम करवा रहा है। सड़क रिस्टोरेशन का काम भी जलकल विभाग ही कराएगा। यह सड़क पिछले साल ही फरवरी-मार्च में दो करोड़ से बनाई गई थी।
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वाराणसी के सिगरा चौराहे पर सड़क धंसने का मामला शासन तक पहुंच गया है। जी20 की तैयारियों के मद्देनजर एक साल पहले बनाई गई सड़क के धंसने की घटना को संज्ञान में लेकर लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव ने जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ की। साथ ही गड्ढा भरकर सड़क पर आवागमन शुरू होने तक मरम्मत कार्य की हर घंटे की फोटो मांगी।
सोमवार की दोपहर शहर के पॉश इलाके सिगरा चौराहे की सड़क पाइप लाइन लीकेज के कारण 20 फीट तक धंस गई। करीब 10 फीट चौड़ा गड्ढा बन गया। प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी अजय चौहान ने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एके द्विवेदी और प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता केके सिंह से जानकारी ली और निर्माण कार्य की प्रगति की हर घंटे की तस्वीर लखनऊ भेजने का निर्देश दिया।
उन्होंने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर जल्द सड़क की मरम्मत का काम पूरा कराकर जनसुविधा बहाल करने का निर्देश दिया। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने कहा कि जलकल पाइप लाइन बनाने का काम करवा रहा है। सड़क रिस्टोरेशन का काम भी जलकल विभाग ही कराएगा। यह सड़क पिछले साल ही फरवरी-मार्च में दो करोड़ से बनाई गई थी।
36 घंटे बाद भी काम पूरा नहीं
सुबह-शाम ढाई-ढाई घंटे रोका गया मरम्मत कार्य
सिगरा चौराहे पर धंसी सड़क का मरम्मत कार्य सुबह-शाम पांच घंटे तक पेयजल आपूर्ति के कारण रोक दिया गया। जलकल सचिव के मुताबिक सुबह छह से साढ़े आठ बजे और शाम को भी इसी समय शहरवासियों को पेयजल सप्लाई के काम रोकना पड़ा। इसके बाद अनवरत काम चला। इस दौरान पानी का प्रेशर कम करके आपूर्ति की गई। लीकेज ढूंढने के लिए खोदाई से धंसी सड़क के गड्ढे का दायरा और बढ़ गया था।
सड़क के बीचोबीच नहीं होनी चाहिए पाइपलाइन
बीएचयू के सिविल इंजीनियर बृंद कुमार का कहना है कि सड़क धंसने की कई वजहें हो सकती हैं। लेकिन, पाइप लाइन लीकेज के कारण सड़क धंसती है और उसमें नुकसान होता है तो उसके पीछे एक वजह यह भी है कि शहर के ज्यादातर सीवर और पेयजल पाइप लाइन सड़कों के बीचोबीच हैं। इससे उन पर यातायात का बोझ पड़ता है। इससे क्रैक होने या दो पाइपों के जोड़ से पाइपलाइन में लीकेज होता है। अगर पाइप लाइन सड़क के किनारे डाली जाए तो उन पर कम दबाव पड़ेगा। बनारस शहर में अंग्रेजों के जमाने की सीवर लाइन है। इसलिए ध्यान दिया जाना चाहिए कि गुणवत्तापूर्ण कार्य हों और उनकी समय-समय पर समुचित मॉनीटरिंग होती रहे।
2017 में रथयात्रा में धमाके के साथ फटी भी पाइप लाइन
शहर में पाइप लाइन फटने के मामले पहले भी हुए हैं। 10 जून 2017 को ओवरहेड टैंक में सप्लाई के लिए टेस्टिंग के दौरान रथयात्रा में पाइप लाइन तेज आवाज के साथ फट गई थी। इससे तकरीबन दो सौ मीटर सड़क धंस गई थी।
पीडब्ल्यूडी ने जलकल को लिखा पत्र
सिगरा में सड़क धंसने के मामले में प्रमुख सचिव की नाराजगी जताने के बाद पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता ने जलकल विभाग को पत्र लिखकर सड़क को शीघ्र दुरुस्त कराने को कहा है। पत्र में काम की धीमी गति तेज करने के लिए भी कहा गया है।