{"_id":"5bb45339867a555b081aa87f","slug":"polio-restricted-p-2-vaccine-to-childs-from-more-than-two-years","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: ढाई साल से पिलाई जा रही थी पोलियो की प्रतिबंधित पी-2 वैक्सीन, खुलासा होने पर मचा हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: ढाई साल से पिलाई जा रही थी पोलियो की प्रतिबंधित पी-2 वैक्सीन, खुलासा होने पर मचा हड़कंप
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मिर्जापुर
Updated Wed, 03 Oct 2018 10:57 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पोलियो की प्रतिबंधित दवा पी टू बच्चों को पिछले ढाई साल से पिलाई जा रही थी लेकिन किसी अधिकारी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। मामला तब पकड़ में आया जब यूपी के मिर्जापुर जिले के चुनार व सदर तहसील के दो बच्चों को चलने में दिक्कत आई और उनकी जांच कराई गई। इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश व केंद्र सरकार को भेजी। इसके बाद सरकार ने दवा सप्लाई पर पाबंदी लगा दी। सरकार ने अब दूसरी कंपनी से पोलियो की दवा सप्लाई करने का निर्देश दिया है।
पोलियो रोग को तीन दवाओं से ठीक किया जाता है। इसमें पहला पी वन है दूसरा पी टू है और तीसरा पी थ्री। इनके पिलाने से पोलियो रोगों से आसानी से लड़ा जा सकता है। पिछले 21 साल से यह तीनों वैक्सीन की दवाएं बच्चों को पिलाई जा रही थीं। पोलियो रोग धीरे-धीरे समाप्त हो गया।
पोलियो रोग समाप्त होने पर पी टू वैक्सीन की दवा को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। लेकिन अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अब भी पी वन, पी थ्री के रोगी पाए जाने के चलते उसका असर यहां नहीं आ जाए, इसलिए अब भी पी वन और पी थ्री की दवाएं बच्चों को पिलाई जा रही हैं। भारत सरकार की पाबंदी के बावजूद कंपनी ने पी टू दवा को बंद नहीं किया और तीनों वैक्सीन की लगातार सप्लाई करती रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
पोलियो रोग को तीन दवाओं से ठीक किया जाता है। इसमें पहला पी वन है दूसरा पी टू है और तीसरा पी थ्री। इनके पिलाने से पोलियो रोगों से आसानी से लड़ा जा सकता है। पिछले 21 साल से यह तीनों वैक्सीन की दवाएं बच्चों को पिलाई जा रही थीं। पोलियो रोग धीरे-धीरे समाप्त हो गया।
विज्ञापन
पोलियो रोग समाप्त होने पर पी टू वैक्सीन की दवा को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। लेकिन अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अब भी पी वन, पी थ्री के रोगी पाए जाने के चलते उसका असर यहां नहीं आ जाए, इसलिए अब भी पी वन और पी थ्री की दवाएं बच्चों को पिलाई जा रही हैं। भारत सरकार की पाबंदी के बावजूद कंपनी ने पी टू दवा को बंद नहीं किया और तीनों वैक्सीन की लगातार सप्लाई करती रही।
विज्ञापन
ऐसे हुआ खुलासा
मामला तब पकड़ में आया जब चुनार को कोलऊंद व सदर तहसील के खजुरी गांव निवासी दो-दो साल के दो बच्चों को अचानक चलने में दिक्कत पैदा होने लगी। परिजन बच्चों को अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने बीमारी का पता लगाने के लिए उनकी जांच कराई।
जांच में पाया गया कि दोनों बच्चों को पोलियो नहीं है बल्कि उनके पैरों की नसों में खिंचाव आने से उनको चलने में दिक्कत हो रही है। जिसको ठीक करा दिया गया है। लेकिन इस जांच में एक बड़े मामले का खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि बच्चों को पी वन और पी थ्री ही नहीं प्रतिबंधित दवा पी टू भी पिलाई जा रही है। जो कभी भी खतरा पैदा कर सकती है।
जानकारी होते ही अधिकारियों ने रिपोर्ट बनाकर शासन के पास भेजी तो भारत सरकार ने कंपनी की दवा सप्लाई पर ही पाबंदी लगा दी, साथ ही नई कंपनी को दवा सप्लाई करने का निर्देश दिया।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. नरेंद्र कुमार ने कहा कि कंपनी की गलती से प्रतिबंधित दवा पी टू आ रही थी। जिसे शासन को अवगत कराया गया तो भारत सरकार ने कंपनी की दवा सप्लाई पर पाबंदी लगा दी है। अब दूसरी कंपनी से दवा सप्लाई करने को कहा है।
जांच में पाया गया कि दोनों बच्चों को पोलियो नहीं है बल्कि उनके पैरों की नसों में खिंचाव आने से उनको चलने में दिक्कत हो रही है। जिसको ठीक करा दिया गया है। लेकिन इस जांच में एक बड़े मामले का खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि बच्चों को पी वन और पी थ्री ही नहीं प्रतिबंधित दवा पी टू भी पिलाई जा रही है। जो कभी भी खतरा पैदा कर सकती है।
जानकारी होते ही अधिकारियों ने रिपोर्ट बनाकर शासन के पास भेजी तो भारत सरकार ने कंपनी की दवा सप्लाई पर ही पाबंदी लगा दी, साथ ही नई कंपनी को दवा सप्लाई करने का निर्देश दिया।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. नरेंद्र कुमार ने कहा कि कंपनी की गलती से प्रतिबंधित दवा पी टू आ रही थी। जिसे शासन को अवगत कराया गया तो भारत सरकार ने कंपनी की दवा सप्लाई पर पाबंदी लगा दी है। अब दूसरी कंपनी से दवा सप्लाई करने को कहा है।