UP: काशी में सोनम वांगचुक के समर्थन में निकली पदयात्रा को पुलिस ने रोका, सपाजनों से बहस; समाजसेवियों में रोष
Varanasi News: सोनम वांगचुक के समर्थन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर वाराणसी में समाजसेवियों और सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। शास्त्री घाट से पदयात्रा और बीएचयू सिंह द्वार तक मार्च को पुलिस ने रोक दिया। नरिया गेट पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक भी हुई।
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पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को वाराणसी में अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुआ। समाजसेवियों और विभिन्न संगठनों ने कचहरी स्थित शास्त्री घाट से पदयात्रा निकालने का प्रयास किया, जबकि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बीएचयू के सिंह द्वार तक मार्च करने की कोशिश की। पुलिस ने दोनों स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिससे कुछ देर तक नोकझोंक की स्थिति बनी रही।
सपा कार्यकर्ता बीएचयू सिंह द्वार की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें नरिया गेट के पास ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। प्रदर्शनकारी हाथों में पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के विरोध में लिखे पोस्टर लिए हुए थे। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की।
इधर, शास्त्री घाट से विभिन्न सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों ने सोनम वांगचुक के समर्थन में पदयात्रा निकालने की तैयारी की। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने वहीं विरोध जताया और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए।
सपा के पूर्व छात्र नेता रजत वाल्मीकी ने मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाला पोस्टर भी लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें रोका जा रहा है।
विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है। उनका उद्देश्य युवाओं, छात्रों और बच्चों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाना है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपना दायित्व निभा रही है, लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराना उनका संवैधानिक अधिकार है और वे अपनी मांगों को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में रही और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।