UP: शादी में बाधा बनने पर बड़ी बहन ने की थी खुदकुशी, डिप्रेशन में आकर छोटे भाई-बहन ने काशी में दे दी जान
Varanasi News: वाराणसी में बड़ी बहन की अस्थियां विसर्जित करने आए भाई- बहन की खुदकुशी का मामला पुलिस ने सुलझा दिया है। बड़ी बहन ने शादी में बाधा बनने पर खुदकुशी की तो डिप्रेशन में आकर छोटे भाई-बहन ने भी जान दे दी।
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वाराणसी में परेड कोठी के होटल सिटी इन में खुदकुशी करने वाले भाई गणेश गुनालापल्ली और छोटी बहन लक्ष्मी की खुदकुशी की गुत्थी सिगरा पुलिस ने शुक्रवार को सुलझा ली। डिप्रेशन में आकर दोनों भाई-बहन ने कदम उठाया। 28 जनवरी को अविवाहित बड़ी बहन अमला ने खुदकुशी की थी।
बड़ी बहन की अस्थियां विसर्जित करने काशी आए थे दोनों
भाई और छोटी बहन की शादी में बाधा बनने जैसी बात पर अमला ने हैदराबाद में खुदकुशी कर ली थी। बड़ी बहन की अस्थियां गंगा में विसर्जित करने के लिए दोनों भाई-बहन मंगलवार को काशी पहुंचे और उन्होंने भी होटल के कमरे में नींद की अत्यधिक दवाइयों का सेवन कर खुदकुशी कर ली थी।
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हैदराबाद निवासी दोनों भाई बहन के मामा के बेटे स्वरूप और एक अन्य काशी पहुंचे। सिगरा पुलिस को स्वरूप ने बताया कि बड़ी बहन अविवाहित थी। उसे लगता था कि उसकी वजह से उसके छोटे भाई-बहन की भी शादी नहीं हो पा रही है। पांच साल पहले पिता की मौत और बचपन में मां की मौत के बाद बड़ी बहन अमला ही दोनों छोटे भाई-बहन की देखरेख करती थी।
28 जनवरी को अचानक अमला ने खुदकुशी कर ली। यह बात दोनों भाई बहन ने रिश्तेदारों को भी नहीं बताई। अंत्येष्टि भी बिना बताए कर दी थी। इसके बाद से गणेश और लक्ष्मी दोनों अवसाद में थे। बड़ी बहन ही दोनों के लिए सब कुछ थी। बड़ी बहन की मौत के बाद दोनों काशी आए तो भी सूचना किसी को नहीं दी।
हैदराबाद पुलिस से सूचना मिली कि दोनों भाई बहन ने काशी में खुदकुशी कर ली है। गणेश अपोलो फार्मा में काम करता था। सिगरा इंस्पेक्टर संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद हैदराबाद से आए दो रिश्तेदारों को भाई-बहन का शव सौंप दिया गया। दोनों शव का दाह संस्कार भी कर दिया गया।