वाराणसी में किशोरियों और महिलाओं से जुड़े यौन अपराध के 1764 प्रकरण लंबित
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वाराणसी जिले में किशोरियों और महिलाओं से जुड़े यौन अपराध के 1764 प्रकरण अदालतों में लंबित हैं। वहीं, इस वर्ष अब तक पॉक्सो एक्ट यानी किशोरियों से जुड़े यौन अपराध के 17 मामले अदालतों से निर्णीत हुए, जिनमें 10 आरोपियों को सजा हुई और सात बरी हो गए। जो सात बरी हुए हैं, उनमें से चार के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया है कि पॉक्सो एक्ट यानी किशोरियों से जुड़े यौन अपराध के प्रकरण की सुनवाई प्राथमिकता से हो। इसे देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि अब ऐसे प्रकरणों की सुनवाई तेजी से होगी और फैसला जल्द आएगा।
जनपद में पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म के प्रकरणों के निस्तारण के विशेष न्यायालय के साथ दो फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालतें काम कर रही हैं। विशेष न्यायाधीश एक्सक्लूसिव पॉक्सो एक्ट की अदालत में 400 मामले लंबित हैं।
विशेष न्यायाधीश प्रथम पॉक्सो एक्ट की अदालत में 202 मामले, विशेष न्यायाधीश द्वितीय पॉक्सो एक्ट की अदालत में 217 और विशेष न्यायाधीश तृतीय पॉक्सो एक्ट की अदालत में 145 मामले लंबित हैं। प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता मुनीब सिंह चौहान के मुताबिक फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम की अदालत में 400 और फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय की अदालत में भी 400 मामले लंबित हैं।
कोरोना काल के कारण और इन दोनों अदालतों के पीठासीन अधिकारी के ट्रेनिंग में होने के कारण इन मामलों की सुनवाई प्रभावित है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने वर्ष 2020 में दो मामले निर्णीत किए हैं। 14 मामलों में जल्द फैसले के आसार हैं।
किशोरियों से दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ी, महिला उत्पीड़न में दर्ज की गई कमी
जिला पुलिस के पास दर्ज आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष जिले में किशोरियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ी हैं। हालांकि महिलाओं के साथ दुष्कर्म और उनके उत्पीड़न की घटनाओं में कमी आई है। मौजूदा वर्ष में एक जनवरी से 30 सितंबर तक 39 किशोरियों के साथ दुष्कर्म हुआ। वहीं, इसी अवधि में बीते साल 33 किशोरियों के साथ दुष्कर्म हुआ था।
इसी तरह से एक जनवरी से 30 सितंबर 2020 के बीच 40 महिलाओं के साथ दुष्कर्म हुआ। जबकि, इसी अवधि में बीते साल 51 महिलाओं के साथ दुष्कर्म हुआ था। महिला उत्पीड़न से संबंधित शिकायतें बीते साल एक जनवरी से 30 सितंबर के बीच 488 आई थी। जबकि इस वर्ष अब तक 311 शिकायतें पुलिस के पास आई हैं। छेड़खानी की घटनाओं में भी बीते वर्ष की अपेक्षा इस साल कमी आई है।
किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल का सश्रम कारावास
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम त्रिभुवन नाथ ने चोलापुर थाने के पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म के मामले में आरोपी रोशन चौहान को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अदालत ने यह आदेश पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दिया है। हाजीपुर निवासी रोशन के खिलाफ वर्ष 2015 में किशोरी से दुष्कर्म सहित अन्य आरोपों में चोलापुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।