वाराणसी में बैंक मैनेजर की हत्या: एक करोड़ रुपये कमाने का लालच देकर करीबियों ने कराया मर्डर, मास्टरमाइंड का पता चला
वाराणसी में बुधवार की शाम बैंक प्रबंधक फूलचंद राम की हत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। हत्या उनके करीबियों ने ही कराई थी। लोभ और लालच देकर बैंक प्रबंधक को धोखे से बुलाया गया और भाड़े के बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
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वाराणसी के पिंडराई में बुधवार की शाम बैंक प्रबंधक फूलचंद राम की हत्या उनके करीबियों ने ही कराई थी। लोभ और लालच देकर बैंक प्रबंधक को धोखे से बुलाया गया और भाड़े के बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। हत्याकांड का मास्टरमाइंड सोनभद्र का एक कारोबारी है। उसकी तलाश में पुलिस की टीमें सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, बिहार तक दबिश दे रही है।
वहीं शूटरों और मास्टरमाइंड के बारे में पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली है। शूटरों के एकदम करीब पहुंची पुलिस के अनुसार दस संदिग्धों को उठाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार बैंक प्रबंधक के एक परिचित ने सोनभद्र के एक कारोबारी से मुलाकात कराई थी।
बातचीत के दौरान मास्टरमाइंड ने बैंक प्रबंधक को एक करोड़ रुपये कमाने का लालच देकर 50 लाख रुपये लेकर छावनी स्थित एक होटल में बुलवाया था और कहा था कि इसके एवज में एक करोड़ रुपये मिलेंगे। इसी लोभ और लालच में आकर पीएनबी के बैंक प्रबंधक पिछले दो दिन से धन एकत्रित करने की व्यवस्था में लगे थे।
वारदात वाले दिन सुबह 11 बजे बैंक प्रबंधक जौनपुर स्थित मडिय़ाहूं शाखा से 41 लाख रुपये निकाले और लेकर करखियांव स्थित ब्रांच आए थे। यहां से भी कैशियर की मिलीभगत से छह लाख रुपये और निकाले। दो बैगों में रुपये लेकर तैयार बैंक प्रबंधक दिन ढलने के बाद एक एजेंट को फोन करके शहर जाने के लिए स्कार्पियो गाड़ी मंगवाई। इसके बाद एजेंट और चालक के संग करखियांव ब्रांच से प्रबंधक निकले थे।
व्यवस्था पर उठे सवाल, बैंक ने प्रबंधक को कैसे दे दिए 47 लाख
बैंकों में कैश का लेनदेन हमेशा नियमों पर होता है। इन सबके बीच करखियाव के पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में जो भी कुछ हुआ, उसमें कहीं न कही नियम-कायदे को भी भूला दिया गया। बिना जरूरी औपचारिकताओं के पूरा किए लाखों रुपये कैसे दिया गया, इससे व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा होता है। कैशियर ने भी आखिर इतनी बड़ी रकम कैसे दे दी। अब यह तो जांच पूरी होने के बाद ही ही स्पष्ट हो पाएगा लेकिन प्रथम दृष्टया जो बात सामने आ रही है, उसके हिसाब से बैंक के अधिकारी भी इसे नियम विरुद्ध बता रहे हैं।
पंजाब नेशनल बैंक की करखियांव शाखा के जिस ब्रांच मैनेजर की गोली मारकर हत्या हुई, उसने अपनी ब्रांच से छह लाख रुपये, जबकि मड़ियाहूं शाखा से भी 41 लाख रुपये कैश लिया था। बैंक से जुड़े सूत्रों के मुताबिक बैंक मैनेजर ने करखियांव शाखा में कैशियर से जो छह लाख रुपये मांगे, उसे उसी दिन बैंक में जमा करने की बात कही थी। इसी भरोसे पर कैशियर ने छह लाख रुपये दिया। कुछ इसी तरह की कहानी मड़ियाहूं शाखा से भी जुड़ी है।