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पीएम के जाते ही जख्मी विकलांगों पर बवाल
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 24 Jan 2016 02:07 AM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों उपकरण लेने के लिए डीरेका आते समय बस पलटने से घायल हुए विकलांगों को शुक्रवार की देर रात कबीरचौरा अस्पताल से निकाल दिया गया। यह आरोप भीषमपुर के घायल विकलांग विजय सहित अन्य पीड़ितों ने लगाया है। इसकी जानकारी मिलते ही शनिवार को भाजपा कार्यकर्ताओं की टीम पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश सिंह अलगू के नेतृत्व में भीषमपुर और दिलावलपुर गांव पहुंची।
अस्पताल से निकाले गए घायल विकलांगों से मुलाकात के बाद हालात से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अवगत कराया। इसकी पूरी रिपोर्ट केंद्रीय मंत्रियों के अलावा प्रधानमंत्री के जनसंपर्क कार्यालय को भेज दी गई है। सोमवार को भाजपा नेता इस मसले पर डीएम और कमिश्नर से मिलेंगे।
बीते शुक्रवार को सेवापुरी ब्लॉक के विकलांगों को डीरेका ले जा रही बस भीषमपुर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। इसमें 42 विकलांग घायल हो गए थे। इनमें नौ गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। सभी को मंडलीय अस्पताल और बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि शुक्रवार की देर रात कबीरचौरा से घायल विकलांगों को निकाल दिया गया। इसकी जानकारी पर भाजपा नेता शनिवार की दोपहर भीषमपुर और दिलवालपुर पहुंचे। भाजपा नेताओं से पीड़ित विकलांग विजय राम ने बताया कि ‘मैं सफाईकर्मी पद पर कार्यरत हूं। मेरी ड्यूटी बस से विकलांगों को ले जाने की थी। बस पलटने से मैं घायल हो गया था। प्रधानमंत्री के जाते ही कबीरचौरा अस्पताल से हम लोगों को भगा दिया गया। घर जाने के लिए साधन भी नहीं दिया गया। भीषमपुर के नागेंद्र सिंह व दिलावलपुर के निर्मल सिंह ने निजी वाहन की व्यवस्था कर घायलों को उनके घरों तक पहुंचाया।’
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अस्पताल से निकाले गए घायलों में विकलांग शीला देवी और उनकी मां लालती देवी भी शामिल हैं। दोनों ने कहा कि अस्पताल के डॉक्टरों का रवैया बहुत खराब था। गांव के ही रविंद्र सिंह ने बताया कि उनके घर तीन विकलांग हैं। दोनों बच्चों हर्षित और साक्षी के साथ वह भी बस दुर्घटना में घायल हो गए। डॉक्टरों ने उन्हें और उनके बच्चों को अस्पताल से निकाल दिया। दिलावलपुर के घायल विकलांग राजन सिंह, रामा शंकर, धर्मराज, शिवचरन ने भी डॉक्टरों पर अस्पताल से भगाने का आरोप लगाया।
भीषमपुर की प्रधान विद्यावती सिंह और दिलावलपुर की प्रधान सीमा सिंह का आरोप है कि घायलों के साथ कबीरचौरा अस्पताल के डॉक्टरों ने ठीक बरताव नहीं किया। मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। विकलांगों से मिलने गए भाजपाइयों में जिला उपाध्यक्ष प्रेम नारायण पटेल, विवेक कुमार मिश्र, पंकज सिंह, शशि सिंह, डॉ. जेपी मिश्र, सुभाष सिंह, गौतम रामरथी पटेल, अवनीश सिंह आदि शामिल थे।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश सिंह अलगू ने कहा कि आज घायलों का दर्द देखकर लगा कि डॉक्टर संवेदन शून्य हो चुके हैं। सीएमओ की भूमिका भी घायलों के प्रति अशोभनीय रही। घायलों के साथ डॉक्टरों के अमानवीय व्यवहार क्षम्य नहीं है। मामले की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दी गई है। उधर, उधर, एसडीएम राजातालाब त्रिभुवन राम ने कहा कि किसी विकलांग ने शिकायत नहीं की है। एक व्यक्ति का फोन आया था। इसके आधार पर सीएमओ से बात की थी। सीएमओ ने बताया कि हल्की चोट वाले मरीजों को घर भेजा गया है।
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अस्पताल से निकाले गए घायल विकलांगों से मुलाकात के बाद हालात से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अवगत कराया। इसकी पूरी रिपोर्ट केंद्रीय मंत्रियों के अलावा प्रधानमंत्री के जनसंपर्क कार्यालय को भेज दी गई है। सोमवार को भाजपा नेता इस मसले पर डीएम और कमिश्नर से मिलेंगे।
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बीते शुक्रवार को सेवापुरी ब्लॉक के विकलांगों को डीरेका ले जा रही बस भीषमपुर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। इसमें 42 विकलांग घायल हो गए थे। इनमें नौ गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। सभी को मंडलीय अस्पताल और बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि शुक्रवार की देर रात कबीरचौरा से घायल विकलांगों को निकाल दिया गया। इसकी जानकारी पर भाजपा नेता शनिवार की दोपहर भीषमपुर और दिलवालपुर पहुंचे। भाजपा नेताओं से पीड़ित विकलांग विजय राम ने बताया कि ‘मैं सफाईकर्मी पद पर कार्यरत हूं। मेरी ड्यूटी बस से विकलांगों को ले जाने की थी। बस पलटने से मैं घायल हो गया था। प्रधानमंत्री के जाते ही कबीरचौरा अस्पताल से हम लोगों को भगा दिया गया। घर जाने के लिए साधन भी नहीं दिया गया। भीषमपुर के नागेंद्र सिंह व दिलावलपुर के निर्मल सिंह ने निजी वाहन की व्यवस्था कर घायलों को उनके घरों तक पहुंचाया।’
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अस्पताल से निकाले गए घायलों में विकलांग शीला देवी और उनकी मां लालती देवी भी शामिल हैं। दोनों ने कहा कि अस्पताल के डॉक्टरों का रवैया बहुत खराब था। गांव के ही रविंद्र सिंह ने बताया कि उनके घर तीन विकलांग हैं। दोनों बच्चों हर्षित और साक्षी के साथ वह भी बस दुर्घटना में घायल हो गए। डॉक्टरों ने उन्हें और उनके बच्चों को अस्पताल से निकाल दिया। दिलावलपुर के घायल विकलांग राजन सिंह, रामा शंकर, धर्मराज, शिवचरन ने भी डॉक्टरों पर अस्पताल से भगाने का आरोप लगाया।
भीषमपुर की प्रधान विद्यावती सिंह और दिलावलपुर की प्रधान सीमा सिंह का आरोप है कि घायलों के साथ कबीरचौरा अस्पताल के डॉक्टरों ने ठीक बरताव नहीं किया। मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। विकलांगों से मिलने गए भाजपाइयों में जिला उपाध्यक्ष प्रेम नारायण पटेल, विवेक कुमार मिश्र, पंकज सिंह, शशि सिंह, डॉ. जेपी मिश्र, सुभाष सिंह, गौतम रामरथी पटेल, अवनीश सिंह आदि शामिल थे।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश सिंह अलगू ने कहा कि आज घायलों का दर्द देखकर लगा कि डॉक्टर संवेदन शून्य हो चुके हैं। सीएमओ की भूमिका भी घायलों के प्रति अशोभनीय रही। घायलों के साथ डॉक्टरों के अमानवीय व्यवहार क्षम्य नहीं है। मामले की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दी गई है। उधर, उधर, एसडीएम राजातालाब त्रिभुवन राम ने कहा कि किसी विकलांग ने शिकायत नहीं की है। एक व्यक्ति का फोन आया था। इसके आधार पर सीएमओ से बात की थी। सीएमओ ने बताया कि हल्की चोट वाले मरीजों को घर भेजा गया है।