बनारसी कारीगरी और बुनकरी अब दुनिया भर जानी जाएगी, यूपी क्राफ्ट प्रदर्शनी से मिलेगी वैश्विक पहचान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काशी के कारीगरों और बुनकरों को अब वैश्विक पहचान मिलेगी। साथ ही खरीददार ढूढ़ने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। उनके उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा। देश-विदेश के खरीददार बुनकरों और कारीगरों से सीधा संपर्क करेंगे। ऐसा होगा ‘काशी एक, रूप अनेक’ कार्यक्रम के जरिए।
दरअसल, बुनकरों और कारीगरों को विश्व पटल पर पहचान दिलाने के लिए तीन दिवसीय यूपी क्राफ्ट प्रदर्शनी का शुभारंभ 16 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट आफ डिजाइन और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट की ओर बड़ालालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल में आयोजित इस कार्यक्रम में अपने देश के विभिन्न राज्यों के अलावा अमेरिका, आस्ट्रेलिया और अन्य यूरोपीय देशों के खरीदार भी हिस्सा लेंगे।
इसमें शामिल प्रमुख आनलाइन कंपनियां बुनकरों व कारीगरों के उत्पादों को बेचने में सहायता करेंगी। तीन दिवसीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले 10 हजार बुनकरों व कारीगरों को शिल्प गुरु टिप्स भी देंगे। इस दौरान 3000 बुनकरों और कारीगरों को टूल किट देकर सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में काशी के सभी प्रकार शिल्प और संस्कृति का प्रदर्शन भी किया जाएगा।
यह कार्यक्रम यूपी के सभी कारीगरों और बुनकरों को सीधा बाजार प्रदान करने और वैश्विक पहचान दिलाने के लिए आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ पीएम करेंगे। -क्षिप्रा शुक्ला, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश डिजाइन संस्थान (यूपीआईडी)
कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु
- 10,000 बुनकर और कारीगर लेंगे भाग।
- नॉलेज कॉन्क्लेव, तकनीकी सत्र (नॉलेज सेशन )
-सुरक्षा किट व सेफ्टी किट का होगा वितरण
- बायर्स व सेलर मीट
- फोटोग्राफी कार्यशाला - ऐनबेल
- गुलाबी मीनाकारी कार्यशाला में शामिल होंगे दीपक संकित जयपुर
- इंडिगो प्लांट डाइइंग: राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त ब्रिज बल्लभ - जयपुर
- कलमकार श्रीधर राव की वीविंग कार्यशाला
- अंतरराष्ट्रीय डिजाइनर एवं बायर्स द्वारा प्रेजेंटेशन।