काशी में पीएम मोदी की 'क्लास': अपने संसदीय क्षेत्र के विधायकों का देखा रिपोर्ट कार्ड, संगठन के नेताओं से लिया फीडबैक
बरेका में मुख्यमंत्रियों की बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार सुबह वाराणसी के विधायकों और भाजपा संगठन के नेताओं से बातचीत की।
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काशी प्रवास के दूसरे दिन मंगलवार की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाश्ते पर ही जनप्रतिनिधियों से दो टूक बात की और साफ किया कि रिपोर्ट कार्ड व लोकप्रियता ही टिकट का आधार होगा। इसमें किसी तरह का संशय ना तो संगठन के लोग रखें, ना ही जनप्रतिनिधि। पीएम ने दो टूक कहा कि चुनाव में टिकट तय करना प्रबंधन टीम का काम है। इसमें पैरवी और पैरोकारी से दूरी बनानी होगी। अगर पांच साल बहुत अच्छा काम किया तो जनता की मजबूरी है कि आपको खोज कर लाएगी।
उन्होंने कहा कि जनता से फीडबैक लेकर ही पार्टी सभी निर्णय करती है। पीएम ने जनप्रतिनिधियों को सलाह दी कि क्षेत्र के विकास के लिए दिए जाने वाले प्रस्तावों की निगरानी की व्यवस्था करें। प्रस्ताव स्वीकृत हुआ तो काम शुरू हुआ या नहीं, गुणवत्ता से लेकर समयबद्धता तक की निगरानी कर उसे पूरा करने में मेहनत करें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) की मौजूदगी में क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश चंद श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष विद्या सागर राय, कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल, डा. नीलकंठ तिवारी, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, सुरेंद्र नारायण सिंह और सौरभ श्रीवास्तव से अलग अलग बात की।
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जनप्रतिनिधि लगातार जनता के बीच बने रहें
विधायकों से बारी-बारी बातचीत की, उनका पांच साल का रिपोर्ट कार्ड देखा। साथ ही संगठन के नेताओं से फीडबैक भी लिया। इस दौरान उन्होंने उम्मीदवारी के लिए सख्ती से भाई-भतीजावाद और पैरोकारी को दरकिनार करने की बात कही। पार्टी नेताओं के मुताबिक, इस बैठक में प्रधानमंत्री ने चुनाव प्रबंधन और प्री इलेक्शन कैंपेन का मंत्र दिया और जनप्रतिनिधि लगातार जनता के बीच बने रहें। संगठन के लोग अपनी अलग उपस्थिति बरकरार रखें।
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घर-घर पहुंचाएं सरकार की योजनाएं
पीएम ने कहा कि आमतौर यह विधायक व सांसद बनते ही जनता से संवाद कम होने की शिकायतें आम है। लेकिन इस खराब परंपरा को समाप्त करना है और गांवों, कस्बों, मुहल्लों और कॉलोनियों में छोटी-छोटी चौपालें आयोजित कर जनता से संवाद करना चाहिए। इसी में प्रदेश और केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का प्रसार-प्रसार करें। साथ ही सरकार के सबका साथ-सबका विकास विजन के बारे में भी बताएं। सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहें।
राष्ट्रीय व प्रदेश संगठन से भी बात
मुख्यमंत्रियों की बैठक से पहले पीएम मोदी सबसे पहले प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से मिले और प्रदेश की स्थिति के बारे में जानकारी ली। राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष को भी बुला कर उनसे बात की फिर जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा से जिले के बारे में जानकारी की। महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय को बुलाकर उनसे स्थिति से अवगत हुए। क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश श्रीवास्तव से भी मुलाकात हुई