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काशी में विकास की कछुआ चाल पर पीएम का दर्द

Tue, 03 Jan 2017 01:00 PM IST
टीम डिजिटल,वाराणसी
टीम डिजिटल,वाराणसी Updated Tue, 03 Jan 2017 01:00 PM IST
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PM Modi Varanasi The pace of growth pain
लखनऊ में पीएम की परिवर्तन रैली - फोटो : SELF
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बनारस के विकास को लेकर पीड़ा यूं नहीं छलकी। जिस तरह केंद्र काशी पर मेहरबान रहा और धनवर्षा होती रही, उस गति से काम होता नहीं दिख रहा है।
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अपने कार्यकाल के ढाई वर्ष में पीएम ने काशी के विकास और बदलाव के लिए 7851 .89 करोड़ रुपये से अधिक दिए हैं, लेकिन परियोजनाओं की कछुआ चाल के चलते अभी तक दिखा कुछ नहीं। यह वजह है कि सोमवार को लखनऊ की रैली के दौरान पीएम की यह चिंता सामने आई। उनको कहना पड़ा कि वह जहां कहते हैं, बनारस में वहां काम नहीं होता।  
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करीब आठ हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं लागू होने के बाद बनारस में बिजली, पानी, अच्छी सड़कों के साथ ही कूड़ा निस्तारण और सफाई के लिए जनता को जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
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बीते साल में आईपीडीएस की शुरुआत केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने की थी। मॉडल कार्य के रूप में कबीर नगर कॉलोनी के 3200 घरों में भूमिगत बिजली आपूर्ति की व्यवस्था होगी। विकास कार्यों की धीमी प्रगति की पीएम की चिंता बीते 22 दिसंबर, 2016 को तब सामने आई थी, जब वह काशी आने पर कबीरनगर के कार्य का निरीक्षण करने पहुंच गए थे।

धीमी रफ्तार से चलने वाली केंद्र की योजनाओं में एक इलाहाबाद-हल्दिया जल परिवहन योजना भी है। कछुआ सेंक्च्युअरी के प्रतिबंधों के चलते यह योजना भी सिरे नहीं चढ़ पा रही है। गंगा में जलपोत जो एक बार आया तो फिर नहीं लौटा।

इतना ही नहीं, अनुमति के फेर में जलपोत महीने भर से अधिक समय तक आदिकेशव घाट के पास ही खड़े रहे। इसके अलावा रिंग रोड, अमृत योजना और हृदय योजना के तहत काशी को संवारने का सपना भी अभी साकार नहीं हो सका है।
 

केंद्र की योजनाएं

PM Modi Varanasi The pace of growth pain
रैली - फोटो : amar ujala
- इलाहाबाद से हल्दिया तक गंगा में जल परिवहन (रामनगर में बनेगा मल्टी हब टर्मिनल):  4200 करोड़ रुपये
- रिंग रोड (16.5 किमी में निर्माण कार्य)                                                           267 करोड़ रुपये
- एकीकृत ऊर्जा विकास योजना (भूमिगत होंगे पक्का महाल में बिजली के तार)  :            432 करोड़ रुपये
- बुनकरों के लिए ट्रेड फेसेलिटी सेंटर:                                                                     200 करोड़ रुपये
- अमृत योजना (पानी, सीवर, हरित पट्टी और पार्क विकास ) :                               181.24 करोड़ रुपये
- ह्दय योजना (हेरिटेज को ध्यान में रखकर शहर का विकास ) :                                89.31 करोड़ रुपये
- प्रसाद योजना (दुर्गाकुंड, लक्ष्मीकुंड, सोनिया तालाब, सारंगनाथ तालाब कुंड का संरक्षण) :  16 करोड़ रुपये
- स्वदेश योजना (सारनाथ के धमेख स्तूप में लाइट एंड साउंड शो का आयोजन):               7.34 करोड़ रुपये
- वाराणसी से जौनपुर एनएच 56  -                                                                  806 करोड़ रुपये
- वाराणसी से आजमगढ़ एनएच 233 -                                                              785 करोड़ रुपये
- वाराणसी से गाजीपुर एनएच 29 -                                                                   868 करोड़ रुपये
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