पीएम के संसदीय क्षेत्र में चल रहे कई स्लाटर हाउस, बंद कराने में छूट रहे पसीने
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कमलगड़हा में शासन की रोक के बाद भी संचालित हो रहे स्लाटर हाउस को सील करते हुए प्रशासन ने मंगलवार से कार्रवाई की शुरुआत तो कर दी लेकिन अभी ऐसे कई और अवैध ठिकाने यहां हैं, जिन्हें बंद कराने की चुनौती है।
इनमें कुछ तो चोरी-छिपे जबकि कुछ पुलिस-प्रशासन और नगर निगम की मिलीभगत और अपने सियासी आकाओं के दम पर अब तक धड़ल्ले से संचालित होते रहे हैं। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई के लिए सभी अवैध बूचड़खानों की लिस्टिंग की जा रही है।
एक-एक कर सभी को बंद कराया जाएगा। वहीं, दबी जुबान से चर्चा यह भी है कि अफसर शासन का रुख भांप रहे हैं। इक्का-दुक्का कार्रवाई के जरिए कोशिश यही है कि शासन स्तर पर यह मैसेज चला जाए कि सभी अवैध बूचड़खाने बंद करा दिए गए और इधर पहले की तरह धंधा भी चोरी-छिपे चलता रहे।
हालांकि स्लाटर हाउस को लेकर वाराणसी समेत सूबे के अन्य जिलों में ताबड़तोड़ कार्रवाई से अवैध कारोबारी सतर्क हो गए हैं। स्लाटर हाउसों के संचालन की टाइमिंग भी बदल दी गई है। वहीं, कुछ कारोबारियों ने फिलहाल इस धंधे से दूरी बना लेने की तैयारी की है।
बाहर से बूचड़खानाें में पहुंचाई जाने वाली पशुओं की खेप या तो वहीं रोक दी गई है या फिर बहुत कम संख्या में जानवर यहां मंगाए जा रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि कचहरी (अर्दली बाजार), भेलूपुर और हुकुलगंज में अवैध बूचड़खाने संचालित होते हैं।
मृत पशुओं की खाल उतारने की आड़ में भी पशुओं का वध किया जा रहा है। मलबा और गंदगी सीधे वरुणा नदी में बहा दी जाती है, जिससे न सिर्फ वरुणा बल्कि गंगा भी प्रदूषित होती है। मंगलवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने गुलाब बाग स्थित कार्यालय पर बैठक की।
क्षेत्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य ने कहा कि अवैध बूचड़खानों को बंद कराने का निर्देश देकर भाजपा सरकार ने बड़ा काम किया है। जनता से जो भी वादे किए गए हैं, उन सभी को पूरी सख्ती से लागू करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
बैठक में नागेंद्र रघुवंशी, अशोक चौरसिया, मनीष कपूर आदि शामिल रहे।आईजी जोन डॉ. एन रविंदर ने अवैध स्लाटर हाउसों को हर हाल में बंद कराने के निर्देश दिए हैं। अधीनस्थों को ताकीद की है कि अभियान चलाकर अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बरदाश्त नहीं की जाएगी।
इससे पहले शासन के कड़े रुख के बाद आखिरकार मंगलवार को हरकत में आए प्रशासन ने बूचड़खानों के अवैध संचालन के खिलाफ पहली बड़ी कार्रवाई की। कमलगड़हा (गोलगड्डा) स्थित बूचड़खाने को सील कर दिया।
कार्रवाई के दौरान स्लाटर हाउस से जुड़े लोगों ने जमकर विरोध किया लेकिन प्रशासन की सख्ती के आगे एक नहीं चली। इस स्लाटर हाउस को कागज पर पांच साल से बंद दिखाया जा रहा था। कार्रवाई से पुलिस ही नहीं, नगर निगम के दावों की भी धज्जियां उड़ गई हैं।