{"_id":"580e6b324f1c1bcd75bc2d05","slug":"pm-in-varanasi-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्वांचल में 'ऊर्जा गंगा' लाकर भगीरथ बने पीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्वांचल में 'ऊर्जा गंगा' लाकर भगीरथ बने पीएम
गुंजन श्रीवास्तव, वाराणसी
Updated Tue, 25 Oct 2016 11:07 PM IST
विज्ञापन
वाराणसी में मोदी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजा सगर के साठ हजार पुत्रों को तारने के लिए एक भगीरथ मां गंगा को पृथ्वी पर लाया था। उसी मां के बुलावे पर काशी को कर्मभूमि बनाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वांचल में ऊर्जा गंगा लाकर दूसरे भगीरथ बने। सोमवार को डीरेका मैदान से न केवल काशी बल्कि पूर्वी भारत की जनता की दशा बदलने का प्रयास किया है।
पीएम का कहना है कि पूर्वी भारत के विकास के बिना देश की तरक्की नहीं हो सकती है। पूर्वांचल से लोगों का पलायन रुकेगा। जब यहां उद्योग धंधे बेहतर होंगे। बिजली व्यवस्था सुधरेगी। घरों में नल की तरह घरेलू गैस की आपूर्ति की जाएगी तो यहीं पर रोजगार करेंगे। इसी के साथ यहां की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। पीएम ने जो वादा काशी की जनता के साथ किया था उसे पूरा करने में वह कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
गेल की जगदीशपुर-हल्दिया और बोकारो-धामरा प्राकृतिक गैस परियोजना ऊर्जा राजमार्ग पांच राज्यों में ऊर्जा की आवश्यकताओं को पूरा करेगी। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के 40 जिले और 2600 गांव शामिल हैं। इस पाइप लाइन नेटवर्क में पड़ने वाले सात शहरों को प्रदूषण मुक्त करने और सस्ता ईधन उपलब्ध कराने की दिशा में सीएनजी और घरेलू गैस उपलब्ध कराई जाएगी। इनमें वाराणसी, पटना, जमशेदपुर, कोलकाता, रांची, भुवनेश्वर, और कटक हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीएम का कहना है कि पूर्वी भारत के विकास के बिना देश की तरक्की नहीं हो सकती है। पूर्वांचल से लोगों का पलायन रुकेगा। जब यहां उद्योग धंधे बेहतर होंगे। बिजली व्यवस्था सुधरेगी। घरों में नल की तरह घरेलू गैस की आपूर्ति की जाएगी तो यहीं पर रोजगार करेंगे। इसी के साथ यहां की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। पीएम ने जो वादा काशी की जनता के साथ किया था उसे पूरा करने में वह कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
विज्ञापन
गेल की जगदीशपुर-हल्दिया और बोकारो-धामरा प्राकृतिक गैस परियोजना ऊर्जा राजमार्ग पांच राज्यों में ऊर्जा की आवश्यकताओं को पूरा करेगी। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के 40 जिले और 2600 गांव शामिल हैं। इस पाइप लाइन नेटवर्क में पड़ने वाले सात शहरों को प्रदूषण मुक्त करने और सस्ता ईधन उपलब्ध कराने की दिशा में सीएनजी और घरेलू गैस उपलब्ध कराई जाएगी। इनमें वाराणसी, पटना, जमशेदपुर, कोलकाता, रांची, भुवनेश्वर, और कटक हैं।
विज्ञापन