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पीएचसी-सीएचसी पहुंचे मजिस्ट्रेट
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 17 Jun 2016 02:05 AM IST
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स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत का पता लगाने के लिए डीएम विजय किरन आनंद ने गुरुवार को मजिस्ट्रेटों की 14 टीमों को जिले में रवाना किया। ग्रामीण इलाकों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति जांचने के लिए जब मजिस्ट्रेट पहुंचे तो वहां हड़कंप मच गया। कई डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मी गैरहाजिर मिले।
मजिस्ट्रेटों ने जब अनुपस्थित डाॅक्टरों को फोन किया तो मोबाइल स्विच आफ मिला। ऐसे लोगों की सूची तैयार कराई जा रही है। डीएम ने कहा कि लगातार शिकायत मिल रही थी कि ग्रामीण इलाकों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी अनुपस्थित रहते हैं। डीएम ने कहा कि जो भी जांच में अनुपस्थित पाए जाएंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सीएमओ और एसीएमओ को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण करें। यदि कोई कमी मिले तो तत्काल कार्रवाई करें। मजिस्ट्रेटों की टीम को रवाना करने से पहले डीएम ने अधिकारियों को पारदर्शिता के साथ रिपोर्ट तैयार करने की हिदायत दी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिराव में रात में मरीजों को उपचार नहीं मिल रहा। इसकी वजह यह है कि यहां रात में चिकित्सक रुकते ही नहीं हैं। 22 दिन में दूसरी बार सीएचसी का जायजा लेने पहुंचे सीएमओ डॉ. बीबी सिंह को लोगों ने इस समस्या से अवगत कराया। औचक निरीक्षण करने पहुंचे सीएमओ को लोगों ने बताया कि यहां न तो कभी प्रसव कराया जाता है और रात में डॉक्टर भी मौजूद नहीं रहते। पानी की समस्या से भी मरीजों और तीमारदारों को जूझना पड़ता है। 25 मई के दौरे में भी सीएमओ के समक्ष यह समस्या आई थी, जिस पर उन्होंने डॉक्टरों को रात में रुकने का निर्देश दिया था। उनके फरमान के बाद भी चिकित्सकों की मनमानी जारी है। सुबह 10:30 बजे जब एडिशनल सीएमओ आरपी तिवारी के साथ सीएमओ पहुंचे थे तब प्रसव कक्ष पर ताला लटका था। इस पर सीएमओ ने कड़ी नाराजगी जताई।
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वहीं, एसडीएम राजातालाब ने गुरुवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सेवापुरी का औचक निरीक्षण किया तो महिला चिकित्सक समेत चार कर्मचारी गैरहाजिर रहे। इतना ही नहीं, चारों ने रजिस्टर पर हस्ताक्षर किया था। इस पर एसडीएम ने चारों का वेतन काटने और कार्रवाई के लिए सीएमओ को पत्र लिखने की बात कही। एसडीएम त्रिभुवन राम रात पौने आठ बजे औचक निरीक्षण करने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उपस्थिति पंजिका पर डॉ. पूनम सिंह, बीएचडब्ल्यू सुशील कुमार पांडेय, लिपिक आरके परनौल और चपरासी प्रभाकर के हस्ताक्षर थे लेकिन मौके से चारों नदारद थे। एसडीएम ने बताया कि पीएचसी के अधिकांश लोग एक दिन आते है और चार दिन की हाजिरी लगाते है, जिसकी पोल निरीक्षण में खुल गई। एसडीएम ने बताया कि गैरहाजिर चिकित्सक और कर्मचारियों का वेतन काटने और कार्रवाई के लिए सीएमओ को पत्र लिखेंगे। साथ ही हफ्ते भर में सुधार नहीं आया तो निलंबन की कार्यवाई की जायेगी।
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मजिस्ट्रेटों ने जब अनुपस्थित डाॅक्टरों को फोन किया तो मोबाइल स्विच आफ मिला। ऐसे लोगों की सूची तैयार कराई जा रही है। डीएम ने कहा कि लगातार शिकायत मिल रही थी कि ग्रामीण इलाकों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी अनुपस्थित रहते हैं। डीएम ने कहा कि जो भी जांच में अनुपस्थित पाए जाएंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सीएमओ और एसीएमओ को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण करें। यदि कोई कमी मिले तो तत्काल कार्रवाई करें। मजिस्ट्रेटों की टीम को रवाना करने से पहले डीएम ने अधिकारियों को पारदर्शिता के साथ रिपोर्ट तैयार करने की हिदायत दी।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिराव में रात में मरीजों को उपचार नहीं मिल रहा। इसकी वजह यह है कि यहां रात में चिकित्सक रुकते ही नहीं हैं। 22 दिन में दूसरी बार सीएचसी का जायजा लेने पहुंचे सीएमओ डॉ. बीबी सिंह को लोगों ने इस समस्या से अवगत कराया। औचक निरीक्षण करने पहुंचे सीएमओ को लोगों ने बताया कि यहां न तो कभी प्रसव कराया जाता है और रात में डॉक्टर भी मौजूद नहीं रहते। पानी की समस्या से भी मरीजों और तीमारदारों को जूझना पड़ता है। 25 मई के दौरे में भी सीएमओ के समक्ष यह समस्या आई थी, जिस पर उन्होंने डॉक्टरों को रात में रुकने का निर्देश दिया था। उनके फरमान के बाद भी चिकित्सकों की मनमानी जारी है। सुबह 10:30 बजे जब एडिशनल सीएमओ आरपी तिवारी के साथ सीएमओ पहुंचे थे तब प्रसव कक्ष पर ताला लटका था। इस पर सीएमओ ने कड़ी नाराजगी जताई।
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वहीं, एसडीएम राजातालाब ने गुरुवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सेवापुरी का औचक निरीक्षण किया तो महिला चिकित्सक समेत चार कर्मचारी गैरहाजिर रहे। इतना ही नहीं, चारों ने रजिस्टर पर हस्ताक्षर किया था। इस पर एसडीएम ने चारों का वेतन काटने और कार्रवाई के लिए सीएमओ को पत्र लिखने की बात कही। एसडीएम त्रिभुवन राम रात पौने आठ बजे औचक निरीक्षण करने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उपस्थिति पंजिका पर डॉ. पूनम सिंह, बीएचडब्ल्यू सुशील कुमार पांडेय, लिपिक आरके परनौल और चपरासी प्रभाकर के हस्ताक्षर थे लेकिन मौके से चारों नदारद थे। एसडीएम ने बताया कि पीएचसी के अधिकांश लोग एक दिन आते है और चार दिन की हाजिरी लगाते है, जिसकी पोल निरीक्षण में खुल गई। एसडीएम ने बताया कि गैरहाजिर चिकित्सक और कर्मचारियों का वेतन काटने और कार्रवाई के लिए सीएमओ को पत्र लिखेंगे। साथ ही हफ्ते भर में सुधार नहीं आया तो निलंबन की कार्यवाई की जायेगी।