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शिव की नगरी काशी में नाले के समीप 126 शिवलिंगों को मलबे की माफिक फेंका, जनता में आक्रोश

न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: utpal utpal Updated Thu, 20 Dec 2018 01:30 PM IST
शिवलिंग को उठाकर अपने घर ले जाने लगे लोग
शिवलिंग को उठाकर अपने घर ले जाने लगे लोग - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र के रोहित नगर विस्तार क्षेत्र में बुधवार को एक प्लाट पर डाले गए मलवे में से सवा सौ से अधिक खंडित शिवलिंग मिले। शिवलिंग के मिलते ही संत नेता और स्थानीय लोगों ने वहां पहुंचकर विरोध करना शुरू कर दिया। इस दौरान प्रशासन ने मलवे में मिले 126 शिवलिंगों को एकत्र करके थाने में रखवा दिया।


आशंका यह जताई जा रही थी कि यह मलवा मंदिर कॉरिडोर के लिए चल रहे ध्वस्तीकरण के कार्य से निकला मलवा किसी ठेकेदार ने फेंक दिया है, लेकिन मंदिर प्रशासन ने कॉरिडोर का मलवा होने से साफ इंकार कर दिया।


उधर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रोहित नगर विस्तार में नाले के किनारे क्षेत्र के ही रहने वाले भंटू यादव का खाली और गहरा प्लाट है। जिसको पाटने के लिए भंटू ने एक ठेकेदार से संपर्क कर ठेका दिया था।

ठेकेदार ने ध्वस्त मकानों का मलवा मंगलवार की रात में गिराने का काम शुरू किया। बुधवार की सुबह उस मलवे की ढ़ेर में बड़ी संख्या में टूटा फूटा शिवलिंग देखकर क्षेत्रीय लोगों में हड़कंप मच गया।

दो मजदूरों को हिरासत में लिया

शिवलिंग
शिवलिंग - फोटो : अमर उजाला
स्थानीय निवासी नितिन कुमार राय ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। कूड़े की ढ़ेर में शिवलिंग मिलने की जानकारी पाकर मौके पर संकट मोचन पुलिस चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और शिवलिंग को हटवाने लगे।

कूड़े में शिवलिंग मिलने के बाद कार्रवाई की मांग को लेकर सपा पार्षद दल के नेता कमल पटेल लोगों के साथ मौके पर पहुंच कर विरोध करते हुए शिवलिंग तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। इस बीच पुलिस ने काफी जद्दोजहद के बाद किसी तरह शिवलिंग को हटवाने के साथ ही काम करने वाले दो मजदूरों को हिरासत में ले लिया।

सूचना पाकर इंस्पेक्टर लंका और सीओ भेलूपुर भी मौके पर पहुंच। लेकिन पार्षद इंद्र बहादुर पटेल ने शिवलिंग मिलने की जानकारी से इंकार कर दिया। विश्वनाथ मंदिर के एसडीएम विनोद सिंह ने बताया कि कॉरिडोर क्षेत्र का मलवा राजघाट की ओर फेंका जा रहा है। यह मलवा हम लोगों का नहीं है। 

धरने पर बैठे संत और नेता

मलवे के ढेर में मूर्ति तोड़े जाने की जानकारी मिलते ही जहां विद्या मठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पहुंच गए वहीं पूर्व विधायक अजय राय भी पहुंचे और धरने पर बैठ गए। कुछ ही देर में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिष्यों के साथ पहुंचकर कूड़े में मूर्ति फेंका  देख कर मलवा गिरवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करने लगे।

करीब चार घंटे बाद मौके पर एसपी सिटी व एडीएम सिटी कई थानों के फोर्स और पीएसी के साथ मौके पर पहुंचकर अजय राय और अविमुक्तेश्वरा नन्द से बात बात चीत करने लगे। काफी प्रयास के बाद पूर्व विधायक अजय राय की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज  कराया गया।

वहीं अविमुक्तेश्वरानंद के साथ पहुंच कर अवशेष और मूर्ति मिलाकर 43 को अलग रखा। थाने पर रखने को लेकर पुलिस के प्रति आक्रोश था। मौके हिन्दू के साथ मुस्लिम भी पहुंच कर विरोध जताया।
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