मिर्जापुर : रोटी-नमक वाले स्कूल पहुंची पीसीआई टीम, बच्चों और रसोइया से की पूछताछ
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मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना क्षेत्र के शिउर गांव के बहुचर्चित रोटी-नमक मामले की जांच के लिए शनिवार को पीसीआई की टीम प्राथमिक विद्यालय पहुंची। टीम को पूछताछ में रसोइया ने बताया कि सप्ताह में बच्चों के लिए मात्र एक लीटर दूध लिया जाता था।
टीम ने स्कूल के बच्चों से रोटी-नमक खाने के बारे में भी पूछा तो बच्चों ने बताया कि एक दिन रोटी और नमक खाने को मिला था। टीम ने बच्चों से शिक्षा-खेलकूद और एमडीएम (मिड डे मील) संबंधित अन्य जानकारी इकट्ठा की। जांच टीम ने शिक्षक, रसोइया और ग्रामीणों के भी बयान लिए। टीम ने बताया कि वह जांच रिपोर्ट प्रेस काउंसिल के चेयरमैन को जल्द ही सौंपी जाएगी।
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शनिवार सुबह ग्यारह बजे प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की दो सदस्यीय टीम शिउर गांव पहुंच गई। टीम ने विद्यालय पहुंचकर अलग-अलग क्लास के बच्चों से बीते 22 अगस्त को रोटी-नमक खिलाने के प्रकरण में पूछा तो बच्चों ने बताया कि सिर्फ एक दिन रोटी नमक खाने को दिया गया था, लेकिन अब अच्छा भोजन खाने को मिलता है। जांच टीम ने रसोइया रुकमणी और ममता देवी से विद्यालय के कार्यालय में बुलाकर पूछताछ की।
रसोइया रुकमणी और ममता ने बताया कि पहले जो मिलता था, उसे ही वह बनाती थी। 22 अगस्त को दाल या सब्जी नहीं मिलने पर बच्चों को रोटी-नमक खाने को दिया गया था। उन्होंने जांच टीम को यह भी बताया कि पहले भी एक सप्ताह में सिर्फ एक लीटर दूध बच्चों के लिए लिया जाता था, लेकिन अब नौ से दस लीटर दूध बच्चों को दिया जाता है।
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जांच टीम ने स्थानीय ग्रामीणों से भी पूछताछ की। पीसीआई टीम के सदस्य संजीव कुमार पंवार ने बताया कि अलग-अलग लोगों से बात की गई है। जांच रिपोर्ट जल्द ही प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन जस्टिस सी के प्रसाद को सौंप दी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।