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वाराणसी: बीएचयू अस्पताल में जुगाड़ से मरीजों का इलाज, टेलीफोन के तार में लटकाकर मरीज को चढ़ा दी आईवी की बॉटल
Mon, 20 Sep 2021 11:14 AM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Mon, 20 Sep 2021 11:14 AM IST
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बीएचयू अस्पताल में जुगाड़ से हो रहा इलाज।
- फोटो : अमर उजाला
आईएमएस बीएचयू में एम्स जैसी सुविधा की बात कही जा रही है, लेकिन अभी जो सुविधाएं हैं वो मरीजों की संख्या के हिसाब से नाकाफी साबित हो रही हैं। सबसे खराब हालात इमरजेंसी की है। यहां जुगाड़ के भरोसे ही मरीजों का इलाज किया जा रहा है। रविवार को तो इमरजेंसी वार्ड के गेट पर स्ट्रेचर पर भर्ती एक मरीज को टेलीफोन के तार के सहारे ही आईवी बाटल चढ़ा दी गई।
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यहीं नहीं इमरजेंसी में दो बेड के बीच में खाली जगह के बीच में स्ट्रेचर की लाइन भी लगी रही। रविवार को पेट दर्द से परेशान मिर्जापुर निवासी एक मरीज को लेकर परिजन पहुंचे। पर्चा कटाकर इमरजेंसी वार्ड आए तो बेड नहीं खाली मिला। किसी तरह स्ट्रेचर पर भर्ती हुआ तो यहां टेलीफोन तार के सहारे ही आईवी बाटल लटका कर उसका इलाज किया गया।
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मरीज के अनुसार वह शनिवार आधी रात के बाद अस्पताल आया। उधर, वार्ड में दो बेड के बीच में इस तरह स्ट्रेचरों पर भर्ती मरीजों की लाइन लगी रही कि मरीज को देखने जाने के लिए डॉक्टर को बड़ी सावधानी से जाना पड़ता था।
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बेड की हो वैकल्पिक व्यवस्था तो मिले राहत
बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में जिस तरह से मरीजों की संख्या बढ़ रही है, अगर बेड के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था हो तो मरीजों को राहत मिलेगी। एक ओर जहां स्ट्रेचर पर इलाज से मुक्ति मिलेगी वहीं मरीजों, परिजनों को परेशान नहीं होना पड़ेगा।