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Paris Olympic 2024: हॉकी मैच के दौरान काशी के खिलाड़ी ललित की मां ने बंद कर ली थीं आंखें, गोल के बाद ही खोलीं
Mon, 05 Aug 2024 01:45 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Mon, 05 Aug 2024 01:45 PM IST
सार
काशी के ललित उपाध्याय ने क्वार्टर फाइनल में पेनाल्टी शूटआउट में गोल किया को परिवार वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मैच के दौरान ललित की मां ने आखें बंद कर ली थीं। गोल के बाद ही उन्होंने अपनी आंखें खोलीं।
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टीवी पर मैच देखते ललित उपाध्याय के परिवार के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पेरिस में चल रहे ओलंपिक में हॉकी मैच के दौरान काशी में भी खासी हलचल रही। यहां के खिलाड़ी ललित उपाध्याय इसमें बैकवर्ड की भूमिका में हैं। रविवार को भारत की टीम ब्रिटेन के सामने क्वार्टर फाइनल खेलने उतरी थी और मैच 1-1 से अंतिम तक बराबरी पर रहा। इसके बाद पेनाल्टी शूटआउट शुरू हुआ।
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पेनाल्टी शूटआउट के दौरान ललित उपाध्याय के घर उनकी मां ने अपनी आंखें बंद लीं और आंख तभी खोली जब भारत की टीम जीत गई। उन्होंने अमर उजाला को बताया कि मैच बेहद रोमांचक था, ड्रॉ. मैच ने दिल की धड़कने बढ़ा दीं थीं। जब पेनाल्टी शूटआउट का वक्त आया तो मैंने आंखें बद लीं और काशी विश्वनाथ नाम जपने लगी। आंखें तभी खोलीं जब ललित ने गोल मार दिया और भारत मैच जीत गया।
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ललित की मां ने बताया कि मैच के शुरू होने के कुछ देर बाद ही एक खिलाड़ी को मैच से बाहर जाना पड़ा। पूरा मैच 10 खिलाड़ियों के सहारे खेला गया। जब मैच पेनाल्टी शूटआउट में पहुंचा तो मैं कुछ देखना नहीं चाह रही थी। बस बाबा विश्वनाथ नाम भज रही थी। ललित के पिता सतीष उपाध्याय ने बताया कि मैच बेहद रोमांचक था। घर पर सभी टीवी पर मैच देख रहे थे। लेकिन पेनाल्टी का वक्त सबके लिए भावुक था।
ललित के गोल मारते ही सभी खुशी से उछल पड़े। बच्चे-युवा सभी खुशी से नाचने लगे। उन्होंने गोलकीपर श्रीजेश को बेहतर क्षेत्ररक्षण के लिए बधाई दी। अब सबकी निगाहें सेमीफाइनल पर टिक गईं हैं। पूर्वांचल के दो खिलाड़ियों ने पेनाल्टी में गोल किया। गाजीपुर के राजकुमार पाल ने भी गोल किया।
ललित के गोल मारते ही सभी खुशी से उछल पड़े। बच्चे-युवा सभी खुशी से नाचने लगे। उन्होंने गोलकीपर श्रीजेश को बेहतर क्षेत्ररक्षण के लिए बधाई दी। अब सबकी निगाहें सेमीफाइनल पर टिक गईं हैं। पूर्वांचल के दो खिलाड़ियों ने पेनाल्टी में गोल किया। गाजीपुर के राजकुमार पाल ने भी गोल किया।