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बनारसः जेल से 16 साल बाद रिहा हुआ पाकिस्तानी कैदी जलालुद्दीन, साथ ले गया श्रीमद्भागवत गीता

Mon, 05 Nov 2018 11:36 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Updated Mon, 05 Nov 2018 11:36 AM IST
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Pakistani prisoner set to free from varanasi central jail after 16 years
पाकिस्तानी कैदी जलालुद्दीन - फोटो : amar ujala
वाराणसी सेंट्रल जेल में बंद पाकिस्तानी कैदी जलालुद्दीन को 16 साल बाद रविवार को रिहा कर दिया गया। जलालुद्दीन जेल से अपने साथ में श्रीमद्भागवत गीता लेकर गया है।
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बता दें कि 16 साल पहले पाकिस्तान के सिंध प्रांत के रहने वाले जलालुद्दीन से 2001 में कैंटोनमेंट एरिया में आर्मी कैंप के अलावा कई महत्वपूर्ण जगहों के नक्शे  बरामद हुए थे। 2003 में जलालुद्दीन को कोर्ट ने 33 साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद से वह अब तक जेल में बंद था।
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सूत्रों के मुताबिक जलालुद्दीन को इतनी सजा कई अलग-अलग मामलों में हुई थी। इसलिए उसने हाईकोर्ट में सारे मुकदमों को एक साथ कर सजा सुनाने की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए जलालुद्दीन की सजा को कम करके 16 साल कर दिया था।
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इसके बाद 14 अगस्त 2017 को जलालुद्दीन की रिहाई का आदेश सेंट्रल जेल प्रशासन को भी मिल गया था, लेकिन इस आदेश के बाद भी जेल प्रशासन को उस ट्रैवलिंग रिपोर्ट का इंतजार था, जो गृह मंत्रालय से आनी थी। 

वाघा वार्डर के लिए रवाना

Pakistani prisoner set to free from varanasi central jail after 16 years
जलालुद्दीन - फोटो : amar ujala
फिलहाल जलालुद्दीन अपने वतन के लिए निकल चुका है और दीपावली से पहले उसकी यह वतन वापसी भारत की तरफ से पाकिस्तान के लिए बड़ा तोहफा भी मानी जा सकती है।

इस पूरे प्रकरण में लंबी कवायद के बाद जलालुद्दीन को जेल से रिहा किया गया है। स्पेशल टीम उसे लेकर अमृतसर के लिए रवाना हो गई है, जहां उसे कल बाघा बॉर्डर पर छोड़ दिया जाएगा और वह पाकिस्तान वापस लौट जाएगा।

दसवीं तक पढ़े जलालुद्दीन ने इन 16 सालों में बनारस की जेल में रहते हुए इंटर, बीए और एमए तक की पढ़ाई पूरी की। इसके अलावा जेल में होने वाली जेल प्रीमियर लीग में जलालुद्दीन अंपायरिंग करता था।
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