पीएसी भर्ती घोटाले में मंडलीय अस्पताल का सर्जन गिरफ्तार, तीन आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें गठित
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पीएसी सिपाही भर्ती परीक्षा के रि-मेडिकल टेस्ट में हुई धांधली में वांछित मंडलीय अस्पताल के सर्जन डॉ. एसके पांडेय को शनिवार को पुलिस ने नदेसर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार बिहार के भभुआ के मूल निवासी और चितईपुर स्थित शिवकाशी अपार्टमेंट में रहने वाले डॉ. पांडेय अदालत में समर्पण करने जा रहे थे। वहीं, प्रकरण में वांछित दो सिपाहियों सहित तीन आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं।
पीएसी सिपाही भर्ती परीक्षा के तहत पहली बार मेडिकल टेस्ट में असफल अभ्यर्थियों का रि-मेडिकल टेस्ट बीते 28, 29 और 30 अगस्त को होना था। सर्विलांस के जरिए पुलिस को जानकारी हुई कि रि-मेडिकल टेस्ट प्रक्रिया में शामिल कुछ डॉक्टर जालसाजों से मिलीभगत कर अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण कराने के बदले पैसे का लेनदेन कर रहे हैं।
इस सूचना के आधार पर शुक्रवार को कैंट थाने की पुलिस ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल के सर्जन डॉ. शिवेश जायसवाल और शिवपुर थाना के नरायनपुर निवासी आकाश बेनवंशी को गिरफ्तार किया। प्रकरण में डॉ. एसके पांडेय, 36वीं वाहिनी पीएसी रामनगर के सिपाही रमेश सिंह, गाजीपुर पुलिस लाइन के सिपाही राजेश कुमार सिंह और पवन कुमार जायसवाल की तलाश की जा रही थी।
इंस्पेक्टर कैंट अश्वनी कुमार चतुर्वेदी को शनिवार की दोपहर सूचना मिली कि डॉ. एसके पांडेय अदालत में समर्पण करने जा रहे हैं तो घेरेबंदी कर उन्हें नदेसर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत में पेश किए जाने पर डॉ. पांडेय को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।