{"_id":"5d6093738ebc3e93a1709ffe","slug":"pac-boat-running-in-ganga-from-cng-cm-expressed-desire-to-prevent-pollution","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा में सीएनजी से चली पीएसी की नाव, प्रदूषण की रोकथाम के लिए सीएम ने जताई थी इच्छा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा में सीएनजी से चली पीएसी की नाव, प्रदूषण की रोकथाम के लिए सीएम ने जताई थी इच्छा
Sat, 24 Aug 2019 07:01 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 24 Aug 2019 07:01 AM IST
विज्ञापन
cm yogi
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गेल ने ‘हवा बदलो बनारस’ अभियान के अंतर्गत शुक्रवार की सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष सीएनजी से चलने वाली बोट का गंगा में प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा योजना के तहत शहरी गैस वितरण परियोजना के तहत पीएसी की नाव को सीएनजी से चलाने के पायलट प्रोजेक्ट का सफ ल परीक्षण पहले ही किया जा चुका था। इसकी जानकारी मंडलायुक्तने मुख्यमंत्री को केंद्रीय परियोजना की समीक्षा बैठक में गुरुवार को ही दे दी। उनके निर्देश पर सुबह राजघाट से गंगा और वरुणा में इसका प्रदर्शन किया गया।
विज्ञापन
दरअसल, पिछली बैठकों में मुख्यमंत्री ने इच्छा जताई थी कि गंगा में चलने वाली नावों में डीजल के प्रयोग से प्रदूषण फैल रहा है। इससे मुक्ति के लिए गेल नावों में सीएनजी का परीक्षण करे। इस पर मुख्यमंत्री के गंगा भ्रमण के दौरान पीएसी की सीएनजी से चलने वाली नाव को भी काफि ले में शामिल किया गया। एक घंटे तक राजघाट से गंगा व वरुणा में इसका संचालन किया। गेल के मुख्य महाप्रबंधक एसएन यादव ने बताया कि सीएनजी से नावों से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी। साथ ही नाविकों को स्वच्छ व किफ ायती ईंधन से बचत भी होगी। परीक्षण से जुड़े गेल के उपमहाप्रबंधक गौरी शंकर मिश्रा ने बताया कि सीएनजी से बोट का संचालन सफल रहा और यह उत्साहित करने वाला है। जल्द ही ज्यादा से ज्यादा बोट को सीएनजी से जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
खिड़किया घाट पर बनेगा पहला फ्लोटिंग स्टेशन
नाव व बजड़े में सीएनजी भरने के लिए खिड़किया घाट पर फ्लोटिंग स्टेशन बनाया जाना है। इसके लिए प्रशासन से जल्द ही अनुमति मिलने की उम्मीद है। वहीं रामनगर में बने मल्टीमोडल टर्मिनल के बगल में दूसरा सीएनजी स्टेशन स्थापित करने के लिए आईडब्ल्यूएआई से बात चल रही है। इसके लिए भी जल्द अनुमति मिलने की उम्मीद है। गेल के मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि घाटों पर मौजूद दो हजार नावों में सीएनजी किट लगाई जाती है तो इसके लिए कई और सीएनजी स्टेशनों की जरूरत पड़ेगी। साथ ही घाटों के बीच तैरने वाले सीएनजी स्टेशन चलाने की संभावना पर भी मंथन किया जा रहा है।
विज्ञापन