{"_id":"60bc48968ebc3ea5ed27f3cb","slug":"outsourcing-workers-sitting-on-protest-in-drdo-hospital-varanasi-for-hike-salary","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"वाराणसीः डीआरडीओ कोविड अस्पताल में धरने पर बैठे आउटसोर्सिंग पर लगे कर्मचारी, मानदेय कम देने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाराणसीः डीआरडीओ कोविड अस्पताल में धरने पर बैठे आउटसोर्सिंग पर लगे कर्मचारी, मानदेय कम देने का आरोप
Sun, 06 Jun 2021 01:54 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Sun, 06 Jun 2021 01:54 PM IST
सार
बीएचयू के एम्फीथिएटर मैदान में बने 750 बेड के डीआरडीओ अस्पताल के संचालन के लिए आर्मी मेडिकल कोर के लोग तो सेवा में लगे ही हैं, आईसीयू सहित अन्य जगहों पर अलग- अलग काम के लिए 100 से ज्यादा आउटसोर्सिंग पर भी कर्मचारियों को भी लगाया गया है।
विज्ञापन
धरने पर बैठे आउटसोर्सिंग कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) स्थित पंडित राजन मिश्र अस्थायी अस्पताल (डीआरडीओ) में कार्यरत आउटसोर्सिंग पर लगे कर्मचारियों ने रविवार सुबह से कामकाज बंद कर दिया है। सभी काम छोड़ कर धरने पर बैठ गए हैं। अस्पताल के मेन गेट पर ही बैरीकेडिंग लगा दी है। साथ ही अंदर जाने और बाहर आने वालो को भी रोक रहे हैं। धरना पर बैठे कर्मचारियों का आरोप है कि पूरा काम करने के बाद भी मानदेय कम ही दिया जा रहा है।
विज्ञापन
बता दें कि बीएचयू के एम्फीथिएटर मैदान में बने 750 बेड के डीआरडीओ अस्पताल में इस समय 250 बेड पर आईसीयू की सुविधा शुरू हुई है। अस्पताल के संचालन के लिए आर्मी मेडिकल कोर के लोग तो सेवा में लगे ही हैं, आईसीयू सहित अन्य जगहों पर अलग-अलग काम के लिए करीब 100 से ज्यादा आउटसोर्सिंग पर भी कर्मचारियों को भी लगाया गया है।
विज्ञापन
रविवार सुबह पांच बजे ही कामकाज छोड़कर सभी कर्मचारी डीआरडीओ अस्पताल के प्रवेश द्वार पर आकर धरने पर बैठ गए।
17 हजार की जगह मिल रहा 11 हजार रुपए
उधर, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों सहित अन्य लोग भी बातचीत करने पहुंचे लेकिन कोई बात नही बन सकी है। कर्मचारियों का धरना अभी भी जारी है। धरने पर बैठे कर्मचारियों में शिवकुमार ने बताया कि दिन रात काम करने के बाद भी मानदेय पूरा नहीं दिया जा रहा है। 17 हजार रुपये मानदेय की बात हुई और केवल 11 से 12 हजार ही दिया जा रहा है। इसका विरोध करने पर कई कर्मचारियों को निकाल दिया गया। खबर लिखे जाने तक धरना जारी था।