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बीएचयू में बवाल और हंगामा लगातार, कार्रवाई न होने पर उठ रहे सवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 08 May 2018 10:51 AM IST
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बीएचयू चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ शनिवार को छात्राओं ने किया था प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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आए दिन मारपीट, तोड़फोड़, पथराव की घटनाओं से बीएचयू परिसर का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है। महज 15 दिन में ऐसी छह घटनाएं चुकी हैं। बवाल-हंगामे की सिलसिलेवार घटनाओं के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई न होने पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जबकि, विश्वविद्यालय में प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था के लिए अलग से सलाहकार भी तैनात किए गए हैं। बावजूद इसके न घटनाओं का सिलसिला थम रहा है और न ही विश्वविद्यालय प्रशासन की खामोशी। इसे लेकर छात्र-छात्राएं चिंतित हैं।
छात्र-छात्राओं से संवाद पर कुलपति के जोर के बावजूद पिछले 15 दिन में परिसर में हुए बवाल-हंगामा, धरना-प्रदर्शन की मुख्य वजह संवादहीनता ही बनी। मामूली विवाद, असुविधाओं-समस्याओं पर छात्र आंदोलित हुए।
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शुरुआती दौर में ही स्थिति पर काबू की कोशिशों के बजाए विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों की नींद बवाल-हंगामे के बाद ही टूटी। परिसर की गतिविधियों की निगरानी में भी विश्वविद्यालय का सुरक्षा तंत्र पूरी तरह फेल नजर आया।
वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों का गैर जिम्मेदाराना रवैया भी कुछ मामलों में सामने आया। प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात सलाहकारों की तो अब तक किसी तरह की कोई भूमिका ही नहीं दिखी।
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जबकि, विश्वविद्यालय में प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था के लिए अलग से सलाहकार भी तैनात किए गए हैं। बावजूद इसके न घटनाओं का सिलसिला थम रहा है और न ही विश्वविद्यालय प्रशासन की खामोशी। इसे लेकर छात्र-छात्राएं चिंतित हैं।
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छात्र-छात्राओं से संवाद पर कुलपति के जोर के बावजूद पिछले 15 दिन में परिसर में हुए बवाल-हंगामा, धरना-प्रदर्शन की मुख्य वजह संवादहीनता ही बनी। मामूली विवाद, असुविधाओं-समस्याओं पर छात्र आंदोलित हुए।
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शुरुआती दौर में ही स्थिति पर काबू की कोशिशों के बजाए विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों की नींद बवाल-हंगामे के बाद ही टूटी। परिसर की गतिविधियों की निगरानी में भी विश्वविद्यालय का सुरक्षा तंत्र पूरी तरह फेल नजर आया।
वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों का गैर जिम्मेदाराना रवैया भी कुछ मामलों में सामने आया। प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात सलाहकारों की तो अब तक किसी तरह की कोई भूमिका ही नहीं दिखी।
15 दिन में घटी ये घटनाएं
शनिवार सुबह हिंदी विभाग के पास दिनदहाड़े चाकूबाजी में छात्र घायल
- फोटो : अमर उजाला
कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने कहा कि कैंपस का शैक्षणिक माहौल प्रभावित न हो, इसके लिए जल्द नए सिरे से विश्वविद्यालय की सुरक्षा रणनीति तय की जाएगी। छात्र-छात्राओं और अधिकारियों-शिक्षकों की भी यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वह कोई भी ऐसा कार्य न करें जिससे परिसर का माहौल प्रभावित हो।
15 दिन में घटी ये घटनाएं
23 अप्रैल: विज्ञान संस्थान निदेशक कार्यालय के पास रास्ता जाम, आगजनी।
26 अप्रैल: छात्र परिषद चौराहे पर शास्त्री छात्र की पिटाई।
27 अप्रैल: सामुदायिक भवन के पास बारात में तोड़फोड़, आगजनी।
01 मई: सेमेस्टर परीक्षा का प्रवेश पत्र न मिलने के विरोध में रास्ता जाम।
2 मई: चीफ प्रॉक्टर के पिज्जा, कोल्ड ड्रिंक के बयान के विरोध में धरना-प्रदर्शन।
05 मई: हिंदी विभाग के पास दिनदहाड़े चाकूबाजी। छात्र घायल। दो गुट आमने-सामने। बवाल-पथराव।
05 मई: चीफ प्रॉक्टर पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाकर छात्राओं का धरना।