वाराणसी में आरटीओ व पुलिस के सामने अवैध बसों का संचालन, हर डगर पर दौड़ रहे डग्गामार
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लाख कवायद के बावजूद वाराणसी में जिला व पुलिस प्रशासन डग्गामार वाहनों के संचालन पर लगाम लगाने में असफल है। राष्ट्रीयकृत मार्गों पर इन डग्गामार वाहनों का धड़ल्ले से संचालन हो रहा है और आरटीओ व पुलिस सिर्फ अभियान तक ही समिति है। होली को लेकर बढ़ रही यात्रियों की भीड़ का भी फायदा डग्गामार वाहन संचालक उठा रहे हैं। जिन रूट पर पहले 10 से 12 डग्गामार वाहन चलते थे, अब 20 से 22 डग्गामार वाहनों का संचालन हो रहा है।
हाल यह है कि रोडवेज बस स्टेशन तक पहुंचने से पहले बीच में डग्गामार वाहनों के चालक व परिचालक यात्रियों को अपने वाहनों में बैठा लेते हैं। कैंट स्टेशन, रोडवेज, अंधरापुल, परेडकोठी, इंग्लिशिया लाइन, चांदपुर, टेंगरा मोड़ व रामनगर, सामनेघाट इलाकों से डग्गामार वाहनों का संचालन दिन रात हो रहा है।
क्या कहते हैं रोडवेज के आंकड़े
रोडवेज के आंकड़ों के अनुसार, लगभग ढाई सौ छोटे-बड़े डग्गामार वाहन दौड़ रहे हैं। वाराणसी-प्रयागराज, वाराणसी-शक्तिनगर, वाराणसी-जौनपुर और वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग पर रोजाना डग्गामार वाहनों की आवाजाही है। बाकायदा स्टैंड बनाकर डग्गामार बसों का संचालन किया जा रहा है। कैंट स्टेशन के ठीक सामने फ्लाई ओवर के नीचे डग्गामार बसों का संचालन आजमगढ़ और जौनपुर के लिए हो रहा है। सुबह से लेकर रात तक फ्लाईओवर के नीचे डग्गामार बसें खड़ी होकर सवारियां बैठाती हैं लेकिन इलाकाई पुलिस और आरटीओ मौन हैं।
सड़कों पर दौड़ रहे डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई के लिए आरटीओ व रोडवेज ने संयुक्त रूप से 12 मार्च से अभियान चला रखा है। अब तक 60 से अधिक डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई की गई। वाराणसी-शक्तिनगर और वाराणसी-प्रयागराज रूट पर आरटीओ चेकिंग अभियान 12 अप्रैल तक चलेगा। - एसके राय, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज