{"_id":"57f410544f1c1b8932270ce5","slug":"online-file-complaint-officers-grade","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं, अफसरों को ग्रेड दें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं, अफसरों को ग्रेड दें
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 05 Oct 2016 01:50 PM IST
विज्ञापन
online doctor
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएम कार्यालय का चक्कर काटने के बाद भी अगर शिकायत दूर नहीं हो रही है तो परेशान न हों। ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। इसकी खासियत यह है कि मामले के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता संबधित अधिकारी की ग्रेडिंग कर सकेगा। शिकायतकर्ता के असंतुष्ट होने पर शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय को स्थानांतरित हो जाएगी। फिर सीएम की निगरानी में शिकायत दूर की जाएगी।
सूबे के सभी जिलों में जिलाधिकारी की निगरानी में समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) गठित की गई है। आईजीआरएस के तहत शिकायतकर्ता jansunwai. up.nic.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके जरिये शिकायत के निस्तारण की स्थिति भी ट्रैक की जा सकेगी। शिकायत के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता को संबंधित अधिकारी की ग्रेडिंग का भी मौका मिलेगा। पांच में से दो स्टार देने पर आपको असंतुष्ट माना जाएगा। एक्सलेंट, एवरेज और पुअर समेत तीन ऑप्शन भी मिलेंगे। अगर एक्सलेंट पर टिक करेंगे, तब पूरी तरह से संतुष्ट माना जाएगा। निस्तारण से संतुष्ट नहीं हैं तो असंतुष्टि के कारणों का विस्तृत विवरण फीडबैक बॉक्स में डालना होगा। इस आशय का शासनादेश पिछले सप्ताह मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने जारी किया है।
डीएम के अधीन किसी अफसर से संबंधित मामला है तो शिकायत उस तक ट्रांसफर हो जाएगी। अगर डीएम की कार्रवाई से भी संतुष्ट नहीं हैं तो मामला सीएम दफ्तर ट्रांसफर हो जाएगा। डीएम से इस संबंध में जवाब तलब भी किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूबे के सभी जिलों में जिलाधिकारी की निगरानी में समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) गठित की गई है। आईजीआरएस के तहत शिकायतकर्ता jansunwai. up.nic.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके जरिये शिकायत के निस्तारण की स्थिति भी ट्रैक की जा सकेगी। शिकायत के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता को संबंधित अधिकारी की ग्रेडिंग का भी मौका मिलेगा। पांच में से दो स्टार देने पर आपको असंतुष्ट माना जाएगा। एक्सलेंट, एवरेज और पुअर समेत तीन ऑप्शन भी मिलेंगे। अगर एक्सलेंट पर टिक करेंगे, तब पूरी तरह से संतुष्ट माना जाएगा। निस्तारण से संतुष्ट नहीं हैं तो असंतुष्टि के कारणों का विस्तृत विवरण फीडबैक बॉक्स में डालना होगा। इस आशय का शासनादेश पिछले सप्ताह मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने जारी किया है।
विज्ञापन
डीएम के अधीन किसी अफसर से संबंधित मामला है तो शिकायत उस तक ट्रांसफर हो जाएगी। अगर डीएम की कार्रवाई से भी संतुष्ट नहीं हैं तो मामला सीएम दफ्तर ट्रांसफर हो जाएगा। डीएम से इस संबंध में जवाब तलब भी किया जाएगा।
विज्ञापन