International Non Violence Day: कन्या भ्रूण हत्या के विरोध की दिलाई शपथ, विवादित मसलों के आपसी समझौते की अपील
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आमजन अपने विवादित मसलों को सुलह-समझौते के माध्यम से मध्यस्थ केंद्र से निस्तारित कराएं। ऐसे मसलों की अपील नही होती है। इस तरह से जो निस्तारण होता है, उससे दोनों पक्ष संतुष्ट होते हैं और पीढ़ी दर पीढ़ी चलने वाले मुकदमों का अंत हो जाता है। यह बातें शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुधा सिंह ने अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर वाराणसी के गहनी स्थित एक महाविद्यालय में जागरूकता शिविर में कहीं। वहीं जिला जज ने कन्या भ्रूण हत्या के विरोध की शपथ दिलाई।
चोलापुर थाना अंतर्गत गहनी स्थित सरस्वती उच्च शिक्षा एवं तकनीकी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गहनी गांव के ग्रामीण और छात्र-छात्राएं शामिल हुए। सचिव सुधा सिंह ने ग्रामीणों की समस्याओं को भी एक-एक कर सुना। साथ ही समस्याओं के निराकरण के लिए भी पुलिस-प्रशासन के संबंधित लोगों को निर्देशित किया। कार्यक्रम में स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संतोष कुमार सिंह और निदेशक नवीन कुमार सिंह के अलावा अन्य लोग मौजूद रहे।
सत्य और अहिंसा ही मानवता की निशानी : जिला जज
सत्य और अहिंसा ही मानवता की निशानी है। जो सभ्यता इससे विमुख होती है, वह नष्ट हो जाती है। यह बातें जिला जज/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष उमेश चंद्र शर्मा ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर दीवानी न्यायालय के मनोरंजन कक्ष में कहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत में जिला जज ने महात्मा गांधी और भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस दौरान जिला जज ने सभी न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को रोजमर्रा के जीवन में सत्य और अहिंसा के पालन के साथ ही कन्या भ्रूण हत्या के विरोध की शपथ दिलाई। जिला जज ने कहा कि बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ की बात हम सबको अपने घर-परिवार के साथ ही समाज में भी लागू कराने का पुरजोर प्रयास करना चाहिए। साथ ही जिला जज ने महिला कल्याण विभाग की निरुपमा सिंह, प्रीतेश तिवारी और शिशिर श्रीवास्तव को विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ जुड़ कर प्रशंसनीय कार्य करने के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।